स्वदेशी मेले में प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित स्वदेशी मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला ने दर्शकों का खासा ध्यान आकर्षित किया। मेले के दौरान पूजा थाली सज्जा, एकल नृत्य, संगोष्ठी और सामाजिक समागम जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों और दर्शकों की भागीदारी रही।
स्वदेशी मेले के अंतर्गत आयोजित संगोष्ठी का विषय स्वदेशी उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने पर केंद्रित रहा। संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के महत्व पर विचार रखे। विद्यार्थियों और युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
दोपहर में पूजा थाली सज्जा प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न धार्मिक अवसरों से जुड़ी पूजा थालियों को आकर्षक ढंग से सजाया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया और निर्णायक मंडल द्वारा विजेताओं का चयन किया गया। यह प्रतियोगिता मेले में पहली बार आयोजित की गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी समाज द्वारा गिद्धा और भांगड़ा की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने माहौल को जीवंत बना दिया। पंजाबी व्यंजनों के स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा मंचीय कार्यक्रमों और गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मनोरंजन किया।
रात्रि में एकल नृत्य प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। प्रतिभागियों ने पौराणिक कथाओं, देशभक्ति और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित नृत्यों से दर्शकों की सराहना बटोरी।
मेले में पहुंचे अतिथियों ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की और आयोजन की निरंतर सफलता के लिए आयोजकों को बधाई दी। मेला परिसर में सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में भी विभिन्न प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्वदेशी मेले का उत्साह लगातार बना रहेगा।











