जबलपुर में STF की बड़ी कार्रवाई: 1.80 करोड़ का गांजा जब्त

जबलपुर: जबलपुर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने उड़ीसा से मध्यप्रदेश लाई जा रही गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है. कार्रवाई के दौरान 599 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपए बताई जा रही है। इस मामले में गुरुवार को पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है.

एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक में गांजा उड़ीसा से छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश लाया जा रहा है. सूचना मिलते ही उन्होंने एसटीएफ डीजी पंकज श्रीवास्तव को जानकारी दी.

जबलपुर एसटीएफ की टीम गठित की गई, जिसकी कमान डीएसपी संतोष तिवारी को सौंपी गई। टीम को एमपी–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर तैनात किया गया। एसटीएफ टीम छत्तीसगढ़ के बिलासपुर क्षेत्र में जंगलों में डटी रही. उड़ीसा से आ रहा ट्रक जैसे ही बिलासपुर पहुंचा, एसटीएफ की टीम ने करीब 152 किलोमीटर तक उसका पीछा किया.

आमतौर पर माल से भरा ट्रक चारों ओर से बंद रहता है, लेकिन तस्करों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए ट्रक को पीछे से खाली दिखाया था। मुखबिर से मिले ट्रक नंबर JH 02 BL 7103 के आधार पर निगरानी की जा रही थी। पीछे से ट्रक खाली नजर आने पर एसटीएफ की एक टीम को भ्रम हुआ, जिसका फायदा उठाकर ट्रक चालक मुख्य मार्ग छोड़कर भाग गया.

हालांकि डीएसपी संतोष तिवारी की दूसरी टीम लगातार ट्रक के पीछे लगी रही. कई बार ट्रक जंगल में रुकता रहा, जहां टीम ने छिपकर निगरानी की। जैसे ही ट्रक छत्तीसगढ़ सीमा पार कर मध्यप्रदेश में दाखिल हुआ, अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के घने जंगल मार्ग में सड़क पर जेसीबी लगाकर ट्रक को रोका गया.

ट्रक रोकने पर उसमें दो व्यक्ति सवार मिले। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम अंकित विश्वकर्मा निवासी सीधी और धनंजय सिंह पटेल निवासी सतना बताया. उन्होंने दावा किया कि वे झारखंड गए थे, लेकिन भाड़ा नहीं मिलने के कारण खाली ट्रक लेकर लौट रहे हैं। जब एसटीएफ ने ट्रक मालिक के बारे में पूछा तो दोनों घबरा गए। तलाशी के दौरान ट्रक के पीछे बने गुप्त चैंबर से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ.

आरोपियों ने बताया कि गांजा तस्करी के लिए ट्रक को विशेष रूप से तैयार कराया गया था। पहले सेकेंड हैंड ट्रक खरीदा गया और फिर बॉडी मेकर से खास डिजाइन बनवाई गई. ड्राइवर के केबिन के पीछे करीब दो मीटर तक लोहे की चादर से गुप्त केबिन बनाया गया था, जबकि बाकी हिस्सा खुला रखा गया था ताकि ट्रक खाली दिखाई दे.

एसटीएफ एसपी के मुताबिक गांजा मैहर में डंप किया जाना था, जहां से महाकौशल, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के अलग-अलग जिलों में सप्लाई की योजना थी. न्यू ईयर के दौरान इसे खपाने की तैयारी थी. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने फिल्म पुष्पा देखकर तस्करी का यह तरीका अपनाया। इसी तरह के तरीकों से पुलिस को चकमा देने की योजना बनाई गई थी.

एसटीएफ को कार्रवाई के दौरान यह भी पता चला कि ट्रक के पीछे एक सफेद रंग की कार (क्रमांक MP 65 C 4716) सपोर्ट वाहन के रूप में चल रही थी. कार सवार मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है. फिलहाल एसटीएफ तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों और ट्रक मालिक की तलाश में जुटी हुई है. जांच जारी है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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