उन्नाव कांड: कुलदीप सेंगर की सजा रुकने के बाद पीड़िता का दर्द, परिवार दाने-दाने को मोहताज

उन्नाव के माखी कांड की दुष्कर्म पीड़िता ने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा सस्पेंड होने के बाद अपनी बेबसी और परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता का परिवार न केवल सुरक्षा की कमी महसूस कर रहा है, बल्कि अब आर्थिक संकट में भी फंस गया है।
पीड़िता ने बताया कि 23 दिसंबर को उसके पति को कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया। मकान मालिक ने घर खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है और घर के बाहर लोगों की भीड़ देखकर मकान मालिक को हार्ट अटैक तक आया। परिवार के ऊपर दूध वाले और दुकानदार के करीब 30-35 हजार रुपये बकाया हैं। बच्चों के लिए दूध और जरूरी चीजें उपलब्ध कराना भी मुश्किल हो गया है।
पीड़िता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि कुलदीप सिंह सेंगर बाहर आया, तो वह उनके पूरे परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है। पीड़िता ने संकल्प जताया कि वह सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती देगी।
यूपी एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह कोर्ट का फैसला है। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा और स्थिति पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।









