इंस्टाग्राम की दोस्ती बनी सात फेरों का रिश्ता, अमेठी की रेशमा ने मंदिर में रचाई शादी

अमेठी : कहते हैं कि प्यार किसी मजहब, जाति या समाज की सीमाओं को नहीं मानता.ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती ने प्रेम और फिर विवाह का रूप ले लिया.अमेठी की रहने वाली मुस्लिम युवती रेशमा और रायबरेली के हिंदू युवक अभिषेक ने परिवार और समाज की बंदिशों को दरकिनार करते हुए मंदिर में सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया.
जानकारी के अनुसार, कोविड काल के दौरान अभिषेक और रेशमा इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे के संपर्क में आए थे.बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह दोस्ती गहरे प्रेम में बदल गई. करीब तीन साल पहले दोनों की पहली बार आमने-सामने मुलाकात हुई, जिसमें ही उन्होंने तय कर लिया कि वे जीवनभर साथ रहेंगे.
कुछ समय तक दोनों का रिश्ता सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप तक सीमित रहा.बाद में जब दोनों ने अपने फैसले की जानकारी परिवार वालों को दी, तो दोनों पक्षों की ओर से कड़ा विरोध शुरू हो गया.चूंकि युवती मुस्लिम और युवक हिंदू था, इसलिए रिश्ते पर आपत्तियां बढ़ती चली गईं और उनकी मुलाकातों पर भी रोक लगा दी गई.
परिवार के दबाव के बीच अभिषेक और रेशमा ने धर्म और समाज की बंदिशों को तोड़ते हुए शादी का फैसला किया। बताया जा रहा है कि अभिषेक ने रायबरेली के एक मंदिर में पंडित से बात की.इसके बाद रेशमा चुपचाप घर से निकलकर मंदिर पहुंची, जहां दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए और देव प्रतिमा के सामने सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाईं.
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के बैरहना मोहल्ले का बताया जा रहा है.शादी के बाद रेशमा ने स्पष्ट कहा कि उसने यह फैसला अपनी मर्जी से लिया है और हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया है.वहीं अभिषेक का कहना है कि दोनों अपने फैसले से खुश हैं और अब कोई भी उन्हें अलग नहीं कर सकता.
शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे यह प्रेम कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है.









