INSV कौंडिन्य ने शुरू की पहली विदेशी समुद्री यात्रा, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

भारतीय नौसेना का स्वदेशी पारंपरिक जहाज INSV कौंडिन्य अपनी पहली विदेशी समुद्री यात्रा पर गुजरात से ओमान के मस्कट के लिए रवाना हुआ। यह जहाज सदियों पुरानी ‘स्टिच्ड शिप’ तकनीक से बनाया गया है, जो भारत की प्राचीन समुद्री परंपरा और जहाज निर्माण कौशल को दर्शाता है।
इस अवसर पर पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने जहाज को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में भारत में ओमान के राजदूत ईसा सालेह अल शिबानी भी उपस्थित रहे।
INSV कौंडिन्य की लंबाई 65 फीट, चौड़ाई 22 फीट, ऊंचाई 13 फीट और वजन 50 टन है। इसका नाम प्राचीन भारतीय नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया तक समुद्री यात्राएं की थीं। जहाज पर 4 अधिकारी और 13 नौसैनिक सवार हैं, और इसकी मस्कट यात्रा लगभग दो हफ्तों में पूरी होने का अनुमान है। मस्कट के बाद यह जहाज इंडोनेशिया की राजधानी बाली भी जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुशी जताई और जहाज के डिजाइनरों, कारीगरों, निर्माणकर्ताओं और भारतीय नौसेना को बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि यह जहाज भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को दर्शाता है और चालक दल को सुरक्षित और यादगार यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
INSV कौंडिन्य की यह यात्रा भारत-ओमान के ऐतिहासिक व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को पुनर्जीवित कर समुद्री कूटनीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।









