देहरादून हत्या: एंजेल चकमा के पिता ने की न्याय की मांग, कहा- हम भी भारतीय हैं, सीएम धामी ने दिया आश्वासन

देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या ने पूरे देश में रोष और चिंता पैदा कर दी है। मृतक के पिता तरुण प्रसाद चकमा ने सरकार से पूर्वोत्तर के लोगों के साथ समान व्यवहार और उनके बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

तरुण प्रसाद चकमा ने कहा कि हमारे बच्चे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अन्य शहरों में पढ़ाई और काम के लिए जाते हैं, उन्हें किसी भी तरह का भेदभाव नहीं झेलना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सब भी भारतीय हैं। सरकार से अनुरोध है कि सभी के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।”

पिता के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में तीन व्यक्ति मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके छोटे बेटे के पास आए, उसे अपशब्द कहे और फिर उस पर हमला किया। एंजेल चकमा ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उसे पीठ में चाकू मारा गया, लात मारी गई और उसकी गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। उसके बाद वह अस्पताल में उपचार के दौरान 26 दिसंबर को मृत्यु को प्राप्त हुआ।

पुलिस ने घटना में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो नाबालिग हैं। फरार आरोपी की खोज जारी है और उसके खिलाफ 25,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने नेपाल तक पुलिस दल भेजकर उसकी तलाश कराई।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिवार से बात की और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और कठिन समय में राज्य सरकार परिवार के साथ खड़ी है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने घटना को भयानक घृणा अपराध करार देते हुए कहा कि नफरत रातोंरात पैदा नहीं होती और इसे युवाओं में जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदाराना विमर्श के माध्यम से परोसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ते नफरत के परिणामस्वरूप होती हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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