दूषित पानी से दहशत में भागीरथपुरा, रोज 20–25 घरों में लग रहे आरओ

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत के बाद हालात बदल गए हैं। डर के माहौल में जी रहे रहवासी अब किसी भी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं। हाल यह है कि क्षेत्र में रोजाना 20 से 25 घरों में आरओ वॉटर प्यूरीफायर लगवाए जा रहे हैं। जिन घरों में आरओ नहीं लग पाए हैं, वहां लोग बाहर से पानी के कैन मंगवाकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
घटना के बाद नगर निगम द्वारा टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन लोग इस पानी को भी सीधे इस्तेमाल नहीं कर रहे। रहवासी पहले पानी को उबाल रहे हैं और छानकर ही पीने में उपयोग कर रहे हैं। नगर निगम के वाहन भी इलाके में घूमकर लोगों को कम से कम 15 मिनट तक पानी उबालने की सलाह दे रहे हैं।
दूषित पानी से बीमार हुए लोगों की संख्या बढ़ने और शुद्ध जल की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाने के बीच सामाजिक संगठनों ने भी पहल की है। अग्रवाल समाज की ओर से शनिवार को 20-20 लीटर के 500 पानी के जार प्रभावित परिवारों को वितरित किए गए। साथ ही दो टैंकरों से स्वच्छ पेयजल का वितरण भी किया गया। समाज की ओर से आगे भी नियमित रूप से आरओ का शुद्ध जल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
भागीरथपुरा के अधिकांश इलाकों में अब भी पुरानी पाइप लाइनों से पानी की सप्लाई हो रही है। नगर निगम की ओर से नई लाइन बिछाने का काम दो चरणों में किया जा रहा है, जिसका लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा किया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमेंट की सड़कों को खोदकर नई लाइन डालने के दौरान पुरानी लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है।
दूषित पानी की इस घटना ने इलाके के लोगों की दिनचर्या और भरोसे को पूरी तरह बदल दिया है, जहां अब हर परिवार शुद्ध पानी को लेकर खुद इंतजाम करने को मजबूर है।











