मैहर में गूंजा ‘घंटा’: इंदौर त्रासदी पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, विधायक कार्यालय का किया घेराव

मैहर : इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 16 मासूमों और नागरिकों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में उबाल है.इसी आक्रोश की गूंज रविवार को मैहर की सड़कों पर भी सुनाई दी, जहां जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ‘घंटा बजाओ’ आंदोलन किया.कांग्रेस ने इस त्रासदी को ‘सरकारी लापरवाही’ करार देते हुए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है.
घंटाघर पर नारेबाजी, सरकार को जगाने का प्रयास
प्रदर्शन की शुरुआत मैहर के घंटाघर चौराहे से हुई.यहाँ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जमा हुए.कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से बड़े-बड़े घंटे बजाकर सोई हुई सरकार को जगाने का प्रयास किया.इस दौरान मुख्यमंत्री और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.
विधायक कार्यालय का घेराव और इस्तीफा की मांग
घंटाघर से आक्रोशित रैली निकालते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी के कार्यालय पहुंचे.यहाँ कार्यालय का घेराव कर घंटों तक विरोध प्रदर्शन किया गया.कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता को शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा देने में भी विफल रही है.
प्रमुख मांगें और कांग्रेस के कड़े तेवर
नैतिक जिम्मेदारी: कांग्रेस ने मांग की है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस नरसंहार की नैतिक जिम्मेदारी लें और तत्काल पद से इस्तीफा दें।
न्याय की मांग: जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई ने स्पष्ट किया कि जब तक इस्तीफा नहीं होता, यह विरोध प्रदर्शन सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा.
कठोर कार्रवाई: ब्लॉक अध्यक्ष ने आक्रोश जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग बुलंद की है.
“इंदौर में हुई मौतें प्राकृतिक नहीं, बल्कि दूषित जल की आपूर्ति के कारण हुई हत्याएं हैं.सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।” — धर्मेश घई, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नेता, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने इस त्रासदी के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की.











