कागजी फर्मों का पर्दाफाश! अब पूरे प्रदेश में औषधि विक्रेताओं का सत्यापन

लखनऊ : प्रदेशभर में अब थोक औषधि विक्रेताओं की जांच होगी.उनके प्रतिष्ठानों का सत्यापन किया जाएगा कि वे अस्तित्व में हैं भी या नहीं.मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं.यह अभियान अगले महीने यानि फरवरी से शुरू होगा. इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डा. रोशन जैकब ने सभी सहायक आयुक्त (औषधि) और औषधि निरीक्षकों को आदेश जारी किए हैं.
कोडीन युक्त कफ सिरप व नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं को लेकर एफएसडीए ने करीब दो माह अभियान चलाया.इस दौरान तमाम फर्में कागजी मिलीं.पंजीकृत पते पर उन फर्मों का कोई नामोनिशान तक नहीं था.कुछ ऐसी ऐसी थीं जो लाइसेंस प्राप्त करने के बाद कभी संचालित ही नहीं हुईं.
ऐसे भी मामले सामने आए जहां भवन स्वामी तक को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके पते पर किसी ने दवा फर्म का लाइसेंस ले रखा है. इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद अब विभाग ने प्रदेश के सभी थोक औषधि विक्रेताओं की जांच कराने का फैसला किया है.
इन बिंदुओं पर होगी थोक दुकानों की जांच
बुधवार को आदेश जारी कर दिया गया. सभी थोक दवा दुकानों के सत्यापन के दौरान देखा जाएगा कि लाइसेंसी फर्म अपने स्वीकृत पते और चौहद्दी में स्थित है या नहीं.औषधियों के भंडारण के लिए वहां पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं.अधिकृत व्यक्ति की उपस्थिति और उनके अनुभव प्रमाणपत्र की पुष्टि की जाएगी.लाइसेंसी परिसर से अन्यत्र स्थान पर दवा भंडारण की स्थिति में लाइसेंसधारी द्वारा अलग गोदाम का लाइसेंस लिया गया है या नहीं.










