ए. अरविंदाक्षन और जमुना बीनी को ‘तथागत साहित्य सम्मान’ से नवाजा गया

नई दिल्ली के साहित्य अकादमी सभागार में आयोजित समारोह में केरल के वरिष्ठ साहित्यकार ए. अरविंदाक्षन और अरुणाचल प्रदेश की युवा कवयित्री जमुना बीनी को हिन्दी साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘तथागत साहित्य सम्मान’ प्रदान किया गया। यह सम्मान प्रख्यात साहित्यकार रामदरश मिश्र की स्मृति में दिया गया।

समारोह की शुरुआत महाकवि निराला की सरस्वती वंदना पर आधारित कथक प्रस्तुति से हुई। तथागत ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. एन. पी. सिंह ने ट्रस्ट की परिकल्पना, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों तथा उत्तर-दक्षिण भारत के बीच भाषा-संस्कृति संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकारों अनामिका, ओम निश्चल, अशोक वाजपेयी और चंद्रकांता ने दोनों रचनाकारों के साहित्यिक योगदान पर अपने विचार साझा किए। ए. अरविंदाक्षन की कृति ‘धड़कनों के भीतर जाकर’ और जमुना बीनी की कविता-संग्रह ‘जब आदिवासी गाता है’ ने भाषाई संवेदनाओं, आदिवासी चेतना और मानवीय मूल्यों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति को सामने लाया।

यह आयोजन हिन्दी साहित्य और समग्र भारतीय साहित्य में संवाद, संवेदना और मानवीयता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com