कलेक्टर के नाम से फर्जी नौकरी आदेश, सरकारी कर्मचारी ने 15 युवकों से ठगे लाखों

एक सरकारी कर्मचारी ने भरतपुर कलेक्टर के नाम से नौकरी लगाने के फर्जी आदेश जारी कर करीब 15 बेरोजगार युवकों से 20 लाख रुपए से ज्यादा रकम हड़प ली। सरकारी कर्मचारी ने भरतपुर कलेक्टर कुमर उल जमान चौधरी और चिकित्सा विभाग के डायरेक्टर राकेश कुमार शर्मा के नाम से नियुक्ति के आदेश जारी कर कई विभागों में दिए थे।

बेरोजगार युवकों ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रकम भेजने का दावा किया है। उन्होंने मामले की शिकायत भरतपुर कोतवाली थाने में दी है।

युवकों ने झुंझुनूं जिला अस्पताल में सहायक रेडियोग्राफर सोनू कुमार मीणा पर फर्जी नियुक्ति आदेश जारी करने के आरोप लगाए हैं। आरोपी सोनू कुमार मीणा अभी प्रोबेशन पीरियड पर है।

इस फर्जीवाड़े पर भरतपुर, अलवर से झुंझूनूं तक चिकित्सा महकमे में बड़ी चर्चा है। उधर, भरतपुर कलेक्टर को मामले का पता नहीं है। उन्होंने कहा है कि अभी शिकायत नहीं मिली है।

युवकों ने दिखाए कलेक्टर के नाम से फर्जी आदेश

फर्जी कागजों के आधार पर कई युवाओं से लाखों रुपए लिए गए। भरतपुर के लोकेंद्र मीणा ने बताया-

पहले सोनू ने कहा कि 5 से 10 दिन में ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा। 10 दिन बाद पीएमओ, अलवर कलेक्टर व डायरेक्टर के आदेश के लेटर बनवाकर भिजवा दिए। इसके बाद भी हमें ज्वाइनिंग नहीं मिली। तब हम ये आदेश लेकर विभाग में गए। तब पता चला कि ये लेटर सब फर्जी दिए गए। सोनू मीणा ने एक रुपया वापस नहीं दिया। एक चेक दिया, वो बाउंस हो गया।

आरोपी बोला- किसी से नहीं लिए रुपए आरोपी सोनू कुमार ने कहा-

मैंने किसी से रुपए नहीं लिए। केवल महेंद्र से रुपए लिए थे, उसे लौटा रहा हूं। मैंने किसी को नौकरी लगाने के नाम पर रकम नहीं ली है। जांच में सामने आ जाएगा। मैं खुद प्रोबेशन पीरियड में हूं, इसलिए किसे नौकरी लगा सकता हूं।

CMHO भरतपुर को भेजे नियुक्ति के आदेश

कलेक्टर के नाम से युवकों को मिले नियुक्ति आदेश में CMHO भरतपुर को पत्र लिखा गया। इसमें कहा गया कि आपके यहां अस्पतालों में रिक्त पदों पर हेमंत मीणा व हरिओम को संविदा पर नियुक्ति दी जाए। वहीं चिकित्सा विभाग के डायरेक्टर के नाम से आदेश जारी कर दिया कि उक्त कार्मिकों का वेतन दिया जाए। इन युवकों के लिए नि:शुल्क दवा योजना के तहत संविदा पर नौकरी कर चिकित्सा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम करने का आदेश दिया गया।

इसके बाद भरतपुर के एसजेपी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के नाम से लोकेंद्र सहित कई युवाओं को सहायक रेडियोग्राफर पद के नियुक्त पत्र जारी कर दिए।

वहीं सहायक रेडियोग्राफर सोनू कुमार मीणा के पिता ओमप्रकाश मीणा अलवर जिला अस्पताल में टीए के रूप में कार्यरत हैं। जो मूल रूप से सलीमपुर खुर्द भुसावर के रहने वाले हैं।

दूसरे अभ्यर्थी ने कहा- मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति के डेढ़ लाख रुपए लिए

सुनील कुमार ने बताया- एक दोस्त ने कहा कि भरतपुर में एक संविदा पर भर्ती है। उसमें नौकरी लग सकती है, लेकिन उसमें एक से डेढ़ लाख रुपए लगेंगे। झुंझुनूं के अस्पताल में काम कर रहा सहायक रेडियोग्राफर सोनू मीणा लगवाएगा। इसके बाद सुनील कुमार ने सोनू मीणा को डेढ़ लाख रुपए दिए। सोनू ने कहा था कि भरतपुर के मेडिकल कॉलेज या अस्पताल में रेडियोग्राफर के पद पर लगवा दूंगा।

नौकरी नहीं मिली तो रुपए वापस मांगे, चेक हुआ बाउंस

अभ्यर्थियों ने कहा- पहले हमें 15 अक्टूबर को ज्वाइन कराने का आश्वासन दिया था। 15 दिन के बाद कहा कि अभी ज्वाइनिंग में समय लगेगा। बार-बार समय बढ़ाने लगा तो शक हुआ। इसके बाद मेडिकल विभाग में संपर्क किया तो जानकारी मिली कि कोई संविदा पर नौकरी नहीं निकाली।

इसके बाद सोनू कुमार से संपर्क किया। उससे रुपए वापस मांगे, तब उसने मुझे एक चेक दिया। वो चेक बाउंस हो गया। ऐसा मेरे साथ ही नहीं, 15 से 20 युवाओं के साथ हुआ है। सबसे एक से डेढ़ लाख रुपए ठगे हैं।

इन युवाओं से 1 से डेढ़ लाख रुपए लिए

  • सुनील कुमार पुत्र कुमार सेन निवासी कुम्हेर ने 1.5 लाख रुपए दिए, 1 लाख रुपए ऑनलाइन दिए।
  • जय सिंह निवासी सुभाष कॉलोनी भरतपुर ने डेढ़ लाख रुपए दिए
  • लोकेद्र सिंह पुत्र हरि सिंह निवासी इकरन भरतपुर ने 2 लाख रुपए दिए
  • प्रिया पत्नी बिजेंद्र सिंह निवासी कामा ने डेढ़ लाख रुपए दिए
  • यशपाल पुत्र करण सिह निवासी भरतपुर ने डेढ़ लाख रुपए दिए
  • हेमंत सैनी निवासी बयाना ने 2 लाख रुपए दिए
  • हरिओम सैनी निवासी भरतपुर ने डेढ़ लाख रुपए दिए
  • उमेश कुमार पुत्र किशन सिंह निवासी पीपल खेड़ा महुआ दौसा ने 1 लाख रुपए दिए
  • नवीन कुमार निवासी खेड़ली गुर्जर भरतपुर ने ड़ेढ़ लाख रुपए दिए
  • विजय पुत्र नत्थी निवासी बयाना ने डेढ़ लाख रुपए दिए

इन युवाओं से आरोपी साेनू मीणा ने करीब 9 लाख 50 हजार रुपए ऑनलाइन लिए हैं। बाकी नकद लिए हैं। कुल 17 लाख रुपए वसूले हैं।

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