2047 के विकसित भारत की ओर तेजी से बढ़ता नवा रायपुर, साय सरकार बना रही विश्व-स्तरीय स्मार्ट राजधानी

रायपुर: छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) अब केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है. यह राज्य के भविष्य का सबसे बड़ा विकास केंद्र बनने की ओर अग्रसर है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नवा रायपुर को 2047 के विकसित भारत विज़न के अनुरूप स्मार्ट, ग्रीन सिटी, IT-हब, मेडिसिटी और रोजगार-प्रधान आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित कर रही है. सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक नवा रायपुर विकसित छत्तीसगढ़ का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश, रोजगार व नवाचार का केंद्र बने.

41 गांवों का अद्वितीय संगम है नवा रायपुर

नवा रायपुर का विकास 41 गांवों को समाहित कर किया गया है. लगभग 95 वर्ग किलोमीटर के ग्रीन बेल्ट के साथ इस शहर को सुनियोजित ढंग से बसाया जा रहा है. भूमिगत बिजली व्यवस्था, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, चौड़ी सड़कें और स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर जो इसे देश के आधुनिक शहरों की श्रेणी में शामिल करते हैं. नवा रायपुर को 30 प्रतिशत हरित क्षेत्र के साथ विकसित किया जा रहा है. ईवी सेक्टर को बढ़ावा, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था, पार्क, ओपन स्पेस और स्वच्छ वातावरण इसे एक ग्रीन, क्लीन और रहने योग्य शहर बनाते हैं.

रायपुर-नवा रायपुर के बीच बनेगा स्मार्ट कनेक्टिंग टाउन

रायपुर और नवा रायपुर को एकीकृत शहरी इकाई के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने 432 हेक्टेयर क्षेत्र में “कनेक्टिंग टाउन” परियोजना को स्वीकृति दी है. इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अटल पथ के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे में आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त एक स्मार्ट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इस विकास क्षेत्र में सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, नकटी, रमचंडी और बरौदा जैसे गांवों को शामिल किया गया है, जिससे राजधानी क्षेत्र की समग्र शहरी संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी. कनेक्टिंग टाउन योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अभिनव भूमि पुनर्वितरण प्रणाली है. इसमें पारंपरिक भूमि अधिग्रहण की बजाय विकास के बाद भूमि मालिकों को उनकी मूल भूमि का 42 प्रतिशत हिस्सा विकसित रूप में लौटाया जाएगा. यह मॉडल न केवल भूमि स्वामियों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि उन्हें शहरी विकास की प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार भी बनाता है.

नवा रायपुर विकास को मिली नई गति, मेट्रो सिटी पर फोकस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने के संकल्प को दोहराते हुए कहा है कि शहर के विकास कार्यों में वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. उन्होंने यह बात महानदी भवन में आयोजित समग्र विकास पर केंद्रित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कही. बैठक में मुख्यमंत्री ने अंडरग्राउंड केबलिंग, नए फ्लाईओवरों का निर्माण, सड़कों के विस्तार, ड्रेनेज व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, आवासीय सुविधाओं और सार्वजनिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों को पहले की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से विकास कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में अतिक्रमण हटाने, झुग्गी पुनर्विकास, खेल मैदानों के संरक्षण और मेडिकल कॉलेजों की सुविधाओं के उन्नयन सहित शहर के समग्र और भविष्यपरक विकास पर विस्तृत चर्चा की गई.

400 एकड़ में मेगा मेडिसिटी: नवा रायपुर बनेगा मध्य भारत का सबसे बड़ा हेल्थ हब

नवा रायपुर में 400 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में एक विश्व-स्तरीय मेगा मेडिसिटी परियोजना विकसित की जा रही है, जो भविष्य में न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगी. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज, उन्नत रिसर्च सेंटर, मेडिकल उपकरण निर्माण एवं सप्लाई हब तथा मेडिकल टूरिज्म से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. मेडिसिटी परियोजना से राज्य के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी और इसके साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी.

IT-AI-स्टार्टअप इकोसिस्टम: डिजिटल छत्तीसगढ़ का नया हब

नवा रायपुर को सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने कई अहम और दूरगामी फैसले लिए हैं. इनमें 1000 करोड़ के निवेश से प्रस्तावित AI डेटा सेंटर पार्क सबसे महत्वपूर्ण पहल है, जो प्रदेश में डिजिटल उद्योगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा. नई औद्योगिक नीति-2024 के तहत नवा रायपुर को IT, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया गया है. वहीं, STPI के सहयोग से चार नए उद्यमिता केंद्र स्थापित करने का निर्णय स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत आधार देगा. इन नीतिगत पहलों का सकारात्मक असर निवेश माहौल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. राज्य को अब तक 1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी नवा रायपुर की है.

नवा रायपुर बनेगा शिक्षा और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र

नवा रायपुर को शिक्षा और कौशल विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठा रही है. इसी क्रम में सेक्टर-18 में SVKM (नरसी मोंजी) को लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर आवंटित की गई है, जहां विश्व-स्तरीय प्रबंधन एवं उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना की जाएगी. नई शिक्षा नीति के अनुरूप नवा रायपुर में अत्याधुनिक शिक्षण संस्थान, रिसर्च हब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और स्टार्टअप इनक्यूबेशन स्पेस विकसित किए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य नवा रायपुर को ऐसा नॉलेज और इनोवेशन हब बनाना है, जो युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम और तैयार कर सके.

नवा रायपुर में हर वर्ग के लिए आवास की सुविधा

अटल आवास योजना के तहत नवा रायपुर में निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण आवास तैयार किए गए हैं, जो राजधानी क्षेत्र में सामाजिक समावेशन को मजबूती प्रदान करते हैं. सरकार की एक बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) को कर्ज-मुक्त कर दिया गया है. इसके परिणामस्वरूप, आगामी वर्षों में विकास कार्य बिना किसी वित्तीय बाधा के सुचारू रूप से किए जा सकेंगे, जिससे क्षेत्र का योजनाबद्ध और सतत विकास सुनिश्चित होगा.

ग्रीन कैपिटल बनाने में साय सरकार का बड़ा कदम

नवा रायपुर को ग्रीन कैपिटल के रूप में विकसित करना साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल है. शहर में बड़े पैमाने पर हरित क्षेत्र और ऑक्सीज़ोन बनाए जा रहे हैं, ऊर्जा दक्ष भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जल संरक्षण आधारित शहरी डिजाइन अपनाया जा रहा है और स्मार्ट LED स्ट्रीटलाइट्स का उपयोग किया जा रहा है. इन पहलों से नवा रायपुर एक क्लाइमेट-रेसिलियंट, सस्टेनेबल स्मार्ट सिटी के रूप में उभर रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल मॉडल साबित होगा.

नवा रायपुर विकास को लेकर मुख्यमंत्री के अहम फैसले

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राजधानी क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इनमें छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 की स्वीकृति, STPI के सहयोग से चार नए उद्यमिता केंद्रों की स्थापना, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नत लैब सुविधाओं का निर्माण, नया थाना, वर्किंग वुमन हॉस्टल, आयोग-बोर्ड भवन और लॉजिस्टिक हब शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में रेल कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और शहरी आधारभूत संरचनाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए. इन पहलों से राजधानी क्षेत्र का समग्र और योजनाबद्ध विकास तेज़ गति से आगे बढ़ेगा.

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नवा रायपुर बनेगा विकसित भारत 2047 के सपनों का केंद्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर विकसित भारत 2047 के सपनों को आकार देने वाला केंद्र बनता जा रहा है. सरकार की दूरदर्शी सोच से शहर में स्मार्ट टेक्नोलॉजी, ग्रीन प्लानिंग, आधुनिक आधारभूत संरचना और रोजगार के अवसरों का संगम इसे राज्य के विकास का हब बना रहा है. नवा रायपुर का समग्र विकास मॉडल युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नए अवसरों का सृजन कर रहा है. सस्टेनेबल और स्मार्ट सिटी के रूप में यह शहर छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित, प्रगतिशील और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.

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