बलिया: पुलिस चौकियों के आड़ में गैर कानूनी काम संचालित, पूरी खबर चौंकाने वाली, जिम्मेदार खामोश…

बलिया: उत्तर प्रदेश का जिला बलिया जो बिहार का बार्डर होने के साथ ही पूर्वांचल का अंतिम जिला भी कहा जाता है. तीन नदियों से घिरा यह जिला अपने कृषि, राजनीति और बागी पन के लिए जाना जाता है, जिले का मुख्यालय बलिया शहर है और यही से पूरा जिला जिले के बड़े अधिकारियों के नेतृत्व में संचालित होता है.
बलिया के डीएम और एसपी की नज़र जिले के हर कोने पर होती है बावजूद यहां गौ तस्करी, अवैध खनन, मादक पदार्थ जैसे शराब और गांजा की तस्करी के साथ ही अनगिनत अवैध काम संचालित होते है जिसका समय-समय पर खुलासा भी किया जाता है लेकिन अंकुश लगाने में प्रशासन पूरी तरह से फेल साबित हुआ है.
दरअसल इस मुद्दे पर हम इस लिए बात कर रहे है क्योंकि जिसके सर पर कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी है उन्ही के आड़ में कानून की धज्जियां उड़ाई जाती है और ये हम नही तस्वीरें और यहां की जनता खुद बोल रही है. आप को बताते चले कि बलिया शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में कुल 8 पुलिस चौकी संचालित होते है जिसमें मंडी चौकी, सिविल लाइन चौकी, शिवपुर दियर चौकी, सतनी सराय चौकी, बिचला घाट चौकी, ओकडेंगंज चौकी, चंद्रशेखर नगर चौकी और जपलनीगंज चौकी शामिल है. एक या दो पुलिस चौकी को छोड़ दे तो लगभग आधे पुलिस चौकी शहर के भीतर है. जानकारी के लिए बता दूं कि हर पुलिस चौकी अपने आप मे बेहद खास है, इनमें से कुछ पुलिस चौकियां अक्सर जनता के बीच चर्चा में रहती है, क्यों रहती है, वो हम आगे बताएंगे.
सतनी सराय पुलिस चौकी ये चौकी कदम चौराहे पर स्थित है और चौकी से चंद दूरी पर देशी, अंग्रेजी शराब की दुकान संचालित होती है, मजेदार बात ये है कि देशी शराब की दुकान नियमों को ताख पर रख कर तड़के सुबह से ही बन्द दुकान के भीतर से देशी शराब बेची जाती है, यही नही चौराहे से अवैध खनन की गाड़ियां रात के अंधेरे में बेखौफ निकलती है और चौकी की पुलिस खर्राटे लेकर सोती है.
यही हाल है ओकडेंगंज पुलिस चौकी का इस चौकी क्षेत्र में भी सरकारी देशी और अंग्रेजी शराब की दुकान, अवैध होटल संचालित होते है, तड़के सुबह से ही सकरी गली का फायदा उठा कर देशी शराब की बिक्री शुरू हो जाती है यही नही इस चौकी के अन्तर्गग आने वाले कई अवैध लॉज, होटल देह व्यापार के लिए चर्चा में बने रहते है, अनगिनत बार इनके इस चौकी क्षेत्र में रेड पड़ा युवक और युवतियां पकड़े गए लेकिन संचालन आज भी जारी है.
अब बात करते है बिचला घाट पुलिस चौकी की, इस चौकी ने तो महारथ हांसिल कर रखा है, इस चौकी क्षेत्र में अवैध खनन, देह व्यापार और तस्करी सब फल-फूल रहा है. चौकी से चंद कदमो की दूरी पर सरकारी देशी और अंग्रेजी शराब की दुकान संचालित होती है. शराब की दुकानों के आस-पास अनगिनत चखने की दुकानें संचालित होती है, लेकिन ये चखने की दुकान कम बिना लाइसेंस वाले बार के रूप में ज्यादा संचालित होते है. रात्रि में धड़ल्ले से अवैध खनन होता है. लेकिन यहां की पुलिस सिर्फ रॉबेन हूड में रहती है. रुकिए साहब इस चौकी से चंद दूरी पर बेखौफ गांजा भी बेचा जाता है. इस चौकी से सटा ओकडेंगंज पुलिस चौकी का क्षेत्र भी आता है जिसपर बिचला घाट पुलिस चौकी की भी नजर होती है और यही बेचा जाता है सरकारी भांग के दुकान में गांजा, 30 रुपये वाली छोटी और 50 रुपये वाली बड़ी वो भी चमकदार पैकेट में जैसे किसी बड़ी कम्पनी ने लांच किया हो. इस मामले से आबकारी को कोई फर्क पड़ने वाला नही है और न ही यहां की स्थानीय पुलिस को.
अब आप बताइए कि आप किस पुलिस के अंतर्गत आते है और आप के पुलिस चौकी और चौकी क्षेत्र का क्या हॉल है ? क्या लगता है कि बलिया में लॉयन ऑर्डर ठीक है? क्या आप भी पुलिस चौकी पर कोई मामला लेकर जाते है तो मामले को दबाने की कोशिश किया जाता है या मामले को खत्म करने के लिए…आगे आप खुद समझदार है. खैर निश्चित ही बलिया के डीएम और एसपी को इन मामलों को संज्ञान लेना चाहिए इनकी जांच होनी चाहिए और ऐसे गैर कानूनी कामो पर रोक लगना चाहिए.

close