गाजीपुर में बड़ा मेडिकल लापरवाही कांड! महिला के पेट में छूटा बैंडेज, एक महीने बाद हुआ खुलासा

गाजीपुर : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद से एक हैरान करने वाला मामला आया है जहां पर एक सरकारी चिकित्सक के द्वारा एक महिला का सर्जरी करने के दौरान उसके पेट में बैंडेज छोड़ने का मामला सामने आया है और यह खुलासा सर्जरी के करीब 1 महीने के बाद एक निधि अस्पताल में दोबारा सर्जरी कराए जाने के दौरान सामने आया है वहीं अब इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एग्जास्ट कमेटी गठित कर जांच करवाने की बात और जांच के उपरांत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद पर बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई.जब एक महिला के भाई ने ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों पर पेट में बैंडेज छोड़ देने का आरोप लगाया.आरोप से नाराज परिजन व ग्रामीण अस्पताल पहुंचकर विरोध जताने लगे.हालांकि अस्पताल कर्मचारियों द्वारा समझाने के बाद मामला शांत हुआ.
बरेसर थाना क्षेत्र के बदरपुर चांद गांव निवासी नीतीश कुमार दर्जनों ग्रामीणों के साथ सीएचसी कासिमाबाद पहुंचा और आरोप लगाया कि उनकी बहन इंद्र कला देवी का ऑपरेशन 29 दिसंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुआ था.बताया कि ऑपरेशन के दौरान अस्पताल में ₹7000 नकद, ₹2000 ऑनलाइन शुल्क लिया गया और बाहर से ₹1400 की दवाएं भी मंगाई गईं।नीतीश कुमार के अनुसार ऑपरेशन के बाद उनकी बहन के ऑपरेशन वाले स्थान पर दर्द और मवाद आने लगा.
हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया।लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद वाराणसी स्थित गुरुदयाल अस्पताल में जांच कराई गई। जहां पेट में बैंडेज छूटने की जानकारी मिली परिजनों का आरोप है कि 9 फरवरी को पुनः ऑपरेशन कर बैंडेज निकाला गया.लेकिन महिला की हालत अभी भी दयनीय बनी हुई है.परिजनों ने मामले में संबंधित चिकित्सक और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार पांडे ने बताया कि इस प्रकार की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से हुई है और उन्होंने इस मामले में एक जांच कमेटी गठित कर दिया है कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.










