बिहार: UGC बिल का भाजपा नेता ने किया विरोध, सरकार से आर-पार को लेकर सवर्णों को कर रहे हैं एकजुट…

औरंगाबाद: केंद्र सरकार ने जबसे यूजीसी बिल लाई है तबसे पूरे देश में इसके दुरुपयोग को लेकर न सिर्फ बहस छिड़ी हुई है। बल्कि विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक धरने एवं प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे। बिल के विरोध में कई भाजपा नेताओं ने पार्टी सदस्यता एवं महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा तक दिया है. हालांकि यह मामला न्यायालय में आने के बाद उस पर स्टे लगा हुआ है और इसी महीने में उक्त बिल पर कोर्ट का फैसला भी आना है.
लेकिन कोर्ट के फैसले से इतर विरोध लगातार जारी है. औरंगाबाद में भी केंद्र सरकार के इस फैसले से लोग नाराज है. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रवीण सिंह ने इस बिल पर केंद्र सरकार के विरोध में नजर आए और बैठक कर इस निर्णय को गलत बताया. गुरुवार की शाम पांच बजे पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रवीण सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा पारित किए जाने वाला यह बिल कॉलेज में पढ़ानेवाले बच्चों के लिए आत्मघाती बिल है.
इस बिल से सवर्ण वर्ग के बच्चों में असुरक्षा की भावना पनपने लगी है और आने वाले दिनों में इसके दुरुपयोग को रोका नहीं जा सकता. इस बिल के आने के बाद सवर्ण बच्चे हमेशा इससे लाभान्वित तबके के छात्रों के टारगेट में रहेंगे और उनका भविष्य तलवार की धार पर चलने जैसा होगा. श्री सिंह ने कहा है कि यूजीसी बिल के विरोध में एक व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा और यह आंदोलन जब तक बिल वापस नहीं होता तब तक जारी रहेगा.
इसको लेकर पिछले 8 मार्च को सवर्ण एकता मंच नाम से संगठन का निर्माण किया गया और इसी के बैनर तले एक बैठक आयोजित कर आगामी रणनीति की रूप रेखा तैयार की गई. आगामी 29 मार्च को भगवान भास्कर की नगरी से सरकार के इस बिल के विरोध में आर पार की लड़ाई का आगाज किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस बिल से प्रभावित हिंदू समाज के साथ साथ मुस्लिम समाज के लोगों को भी जोड़ा जाएगा. शीघ्र ही सवर्ण एकता मंच का विस्तार पूरे जिले के साथ साथ पूरे राज्य और देश में किया जाएगा. ताकि एक बड़ा आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार हो और सरकार की नींद हराम करने में हम सफल हो.











