PM मोदी ने मंत्रियों की ली ‘परफॉर्मेंस रिपोर्ट’, चिंतन शिविर में दिए ये बड़े निर्देश

पीएम मोदी ने अपने सरकार के तीसरे कार्यकाल के कामकाज की मिड टर्म समीक्षा पूरी कर ली है. दिल्ली में दो दिनों तक चले चिंतन शिविर के जरिए पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों के कामकाज का ब्योरा लेने के साथ ही मंत्रियों की परफार्मेंस रिपोर्ट भी तैयार कर ली है. माना जा रहा है कि भविष्य में होने वाले कैबिनेट फेरबदल का आधार यही परफार्मेंस रिपोर्ट होगी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिंतन शिविर में मंत्रियों से पूछा गया था कि चिंतन शिविर के दौरान उन्होंने दूसरों से क्या सीखा और खुद क्या इनपुट्स दिए. इसके लिए सभी मंत्रियों को कल एक एक पेज दिया गया था और उनसे पूछा गया कि आपने चिंतन शिविर और संवाद में अपने साथी मंत्री से क्या सीखा और आपने खुद क्या शेयर किया, वो लिख कर दें. बैठक में मंत्रियों से कहा गया कि वो ‘स्वयं का विकास’ और ‘जन विश्वास से जन भागीदारी’ जैसे विषयों के तहत अपने विभाग से जुड़े मुद्दों पर कमियों, चुनौतियों और आगे की कार्रवाई के बिंदुओं की पहचान करें.
PM मोदी ने मंत्रियों को दी सलाह
सूत्रों के मुताबिक, पीएम ने गुरुवार को चिंतन शिविर को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर बहुत अच्छा रहा, बहुत कुछ जानने समझने और सीखने को मिला, आगे भी मिलते रहेंगे. पीएम ने कहा कि सबसे मिलिए, अपने अधिकारियों से भी मिलिए. उन्होंने आगे कहा कि एक मंत्री हैं, जो सिर्फ मंत्रालय के सचिव से मिलते हैं, जबकि आप लोगों को समय-समय पर सभी अधिकारियों से मिलते रहना चाहिए.
तैयारी के साथ मीडिया में जाने की दी सलाह
पीएम मोदी ने कहा कि तैयारी के साथ मीडिया में जाएं. मीडिया में जाने के पहले ताजा मुद्दों और विषयों की विस्तृत जानकारी लें. साथ ही अपने संसदीय क्षेत्र में लोगों के बीच भी तैयारी से जाइए, ताकि निगेटिव नैरेटीव को काउंटर किया जा सके. पीएम ने कहा कि आपका कम्यूनिकेशन प्रभावी होना चाहिए, ताकि आम लोगों से बेहतर संवाद तरीके से कम्यूनिकेट कर सकें.
‘योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए करें काम’
पीएम ने मंत्रियों को कहा कि आपको जमीन पर जनता के बीच जाना है और सरकार की जो 40 से 45 वेलफेयर स्कीम का फायदा सबको 100 फीसदी मिले, ये सुनिश्चित करना है. उन्होंने आगे कहा कि जमीन पर योजनाओं में जो दिक्कत आ रही है, उसे दूर करने के लिए काम करें. इससे पहले बुधवार को चिंतन शिविर के पहले दिन भी पीएम मोदी अलग मंत्रियों के 8 ग्रुप वाले हर टेबल पर गए थे और उनसे संवाद किया था.
ये भी पढ़ें: EC के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती, 2023 में ऐसा कानून क्यों बना…राहुल ने समझाई वोट चोरी की क्रोनोलॉजी











