CG News: आकाशीय बिजली का कहर: पेड़ के नीचे छिपना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत; एक की हालत नाजुक

राजनांदगांव के सोमनी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को कुदरत का कहर टूट पड़ा। तेज आंधी-तूफान के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

राजनांदगांव: जिले के सोमनी थाना अंतर्गत डबरापारा में शुक्रवार को मौसम का मिजाज अचानक बदला और देखते ही देखते यह एक बड़ी त्रासदी में तब्दील हो गया। घटना बांधा तालाब के पास की है, जहां तीन युवक बारिश और आंधी से बचने के प्रयास में अपनी जान गंवा बैठे।

पेड़ के नीचे आसरा लेना बना जानलेवा

​प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, नीलकमल निषाद, डोमेश बघेल और लोकेश बंजारे तालाब के पास मौजूद थे। अचानक मौसम बिगड़ा और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। खुद को भीगने से बचाने के लिए तीनों युवकों ने पास ही स्थित एक खजूर के पेड़ के नीचे शरण ली। इसी बीच जोरदार कड़क के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ पर गिरी और तीनों उसकी चपेट में आ गए।

अस्पताल में तोड़ा दम

​हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों की मदद से तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान नीलकमल निषाद और डोमेश बघेल ने दम तोड़ दिया। तीसरे युवक, लोकेश बंजारे का उपचार फिलहाल जारी है, लेकिन उसकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई

​सोमनी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली है और आवश्यक सहायता प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सावधानी ही सुरक्षा है

​मौसम विभाग और प्रशासन लगातार यह चेतावनी देता रहा है कि खराब मौसम या आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान कभी भी पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या खुले मैदान में खड़े न हों। पेड़ों पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है, जो ऐसे समय में शरण लेने वालों के लिए घातक साबित हो सकती है।

NewsDesk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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