ताई की हत्या कर बना मासूम! पुलिस को गुमराह करता रहा भतीजा, खुद ही निकला कातिल

जयपुर में चांदी के कड़ों के लिए महिला की हत्या कर शव कुएं में फेंकने के मामले में रविवार को हत्या के आरोपी भतीजे और उसके साले को गिरफ्तार कर लिया गया। शिवदासपुरा थाना पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार जीजा-साले से कई खुलासे किए हैं।
12वीं पास हत्या का आरोपी भतीजा इतना शातिर था कि पुलिस को गुमराह करने के लिए उनके साथ ही घूमकर कहानियां सुनाता रहा। बोला- ताई के हत्यारों को पहचान सकता हूं।
इस दौरान आरोपी ने लोगों को लेकर शिवदासपुरा थाने को घेराव कर प्रदर्शन भी किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने वाला भी आरोपी भतीजा ही था।
DCP (साउथ) राजर्षि राज ने बताया- हत्या में आरोपी भतीजे सूरज बैरवा (24) निवासी बल्लूपुरा शिवदासपुरा और उसके साले विनोद बैरवा (24) निवासी गडियो की ढाणी कानोता को अरेस्ट किया गया। 12वीं तक पढ़ा भतीजा सूरज बैरवा बगवानी का काम करता है। मौज-शौक व शराब पार्टी के चलते उस पर करीब 2.53 लाख रुपए कर्जा चढ़ गया था। कर्जदारों के बार-बार तकाजा कर अपने रुपए मांगने को लेकर वह परेशान हो गया था।
याद आए ताई के 1KG चांदी कड़े
कर्जदारों के लगातार तकाजा करने पर उनसे छुटकारा चाहता था। कर्जा चुकाने के लिए यू-ट्यूब पर वीडियो देखता था। इश दौरान एक शॉर्ट फिल्म देखने के दौरान उसे अपनी ताई बीना के पैर में पहने 1 KG के चांदी के कड़ों की याद आई। आरोपी ने गूगल पर कीमत का अंदाजा लगाया। उसे लगा ताई के गहनों से कर्जा उतरने के बाद भी उसके पास काफी रुपए बचने को लेकर लालच बढ़ गया।
यू-ट्यूब पर देखने लगा फिल्में
ताई के गहनों को पाने के लिए वह यू-ट्यूब और गूगल पर सर्च करने लगा। काफी फिल्में देखने के बाद भी उसको हत्या के अलावा कोई ओर रास्ता नहीं नजर आया। हत्या से पहले तीन दिन तक करीब 50 से अधिक यू-ट्यूब पर आपराधिक वीडियो देखे। गूगल सर्च के दौरान हत्या करने, सबूत मिटाने और पुलिस से बचने के हर तरह के पहलुओं को लेकर जानकारी भी ली। पूरी तरह से हत्या का प्री-प्लान तैयार कर मौके की तलाश में जुट गया।
महिलाओं ने देखा तो बदला रास्ता
ताई के दवाई दिलाने की कहने पर भतीजे सूरज को हत्या का मौका मिल गया। 11 जून को आरोपी बाइक पर बैठाकर ताई को ले जा रहा था। रास्ते में परिचित तीन महिलाओं ने उसे देख लिया। महिलाओं से बचने के लिए भतीजे सूरज ने ताई को रास्ते में ही काम का बहाना बनाकर उतार दिया। बाइक से उतारने से पहले ताई को ढूंढ नदी के तरफ चलने के लिए कहा। फिर रास्ते में मिलने के लिए कहा। महिलाओं के पास ताई को उतारकर खुद रास्ता बदलकर चला गया। महिलाओं के दूसरे रास्ते जाने पर बाइक लेकर वापस पहुंचा। ताई को बैठाकर ढूंढ नदी क्षेत्र में ले गया।
हत्या से लेकर शव छिपान था तय
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सूरज प्लानिंग के तहत अपनी ताई को सुनसान जगह ले गया। घास काटने के दौरान पीछे से आकर फावड़े से ताई बीना के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। ताई की हत्या के बाद दातली से उसके पैर के काटकर चांदी के कड़े निकाल लिए। प्लान के तहत फावड़े से गड्ढा खोदकर ताई के शव को दफना दिया।
डर लगा तो ढूंढी दूसरी जगह
हत्या के बाद शव दफनाकर आरोपी देर शाम घर पहुंच गया। ताई के गुम होने को लेकर नाटक करने लगा। परिजनों के साथ मिलकर ढूंढने लगा। घर जाकर रात को सोने के दौरान उसे डर लगने लगा कि जंगली जानवर गड्ढे से शव बाहर निकाल देंगे। उसको लगा शव मिलने पर डॉग स्वाइयड की मदद से पुलिस पकड़ लेगी। अगले दिन 12 जून को शव वाली जगह जाकर निगरानी करने लगा। शव ठिकाने लगाने के लिए आस-पास नई जगह तलाशने लगा। 50 मीटर दूर पानी से भरा कुंआ मिलने पर शव फेंकने का प्लान किया।
दफनाई जगह बैठकर की शराब पार्टी
पूछताछ में आरोपी सूरज ने बताया- वह जानता था कि अकेले शव को ठिकाने नहीं लगा सकता। वह अपने साले विनोद को देर शाम शराब पार्टी की कहकर लेकर पहुंचा। ताई को दफनाने वाली जगह पर जीजा-साले ने बैठकर शराब पार्टी की। शराब पार्टी के दौरान इमोशनल ब्लैकमेल कर सूरज ने अपने साले को बताया- कर्जदारों के परेशान करने के चलते ताई की हत्या कर दी है। जिस जगह वह बैठे है, ताई का शव वहीं दफना रखा है।
डर के मारे साला विनोद जाने लगा तो कहा- अगर पुलिस ने उसको पकड़ लिया तो तेरी बहन का क्या होगा। खुद की जिदंगी के साथ ही बहन की जिदंगी खराब होने को लेकर इमोशनल ब्लैकमेल किया। साले की मदद से आरोपी ने शव को बड़े पत्थर से बांधकर कुएं में फेंक दिया। पानी की सतह पर शव नहीं दिखाई दे, इसलिए वह रोज जाकर कुंए में चैक करने जाता था।
लोगों को लेकर धरना देने पहुंचा
11 जून को हत्या के बाद 18 जून को लाश मिलने का पता चलने पर डर गया। यू-ट्यूब पर देखे वीडियो के अनुसार लाश मिलने पर उसने प्लान-बी चालू किया। अगले दिन सुबह ही लोगों को इकट्ठा कर शिवदासपुरा थाने को घेराव कर धरना देने पहुंच गया। धरने के दौरान सबसे हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर मांग करने वाला भी आरोपी सूरज ही था।
हत्यारों तक पहुंचाता हूं
पुलिस को गुमराह करने के लिए लगातार उनकी गतिविधियों पर ध्यान रखता रहा। पुलिस की जांच के दौरान वह खुद ही उनके साथ घूमता रहा। पारिवारिक कलह की कहानी सुनाने पर पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद एक जाति के लोगों पर लूट के लिए हत्या करने का आरोप लगाया।
पुलिस को बोला- अपुलिस मदद करे तो मैं खुद ही हत्यारों को ढूंढ निकालूंगा। पुलिस केध्यान नहीं देने पर बार-बार दूसरी कहानियां लेकर आने पर शक हो गया। हत्यारों को पकड़वाने को लेकर कॉफिडेंस को देखकर पुलिस का शक उसी के ऊपर हो गया।
आखिरकार टूटकर बोला- भूल हो गई
पुलिस ने शक पर आरोपी भतीजे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पहले तो पूछताछ के दौरान वह पुलिस को ही डराकर गलत करने की बात कहता रहा। पुलिस के उसका मोबाइल चैक करने पर यू-ट्यूब पर देखे आपराधिक वीडियो और गूगल पर क्रिमिनल्स सर्च मिला। सख्ती से पूछताछ करने पर आखिरकार वह टूट गया। भूल होने की कहकर ताई की हत्या करना कबूल किया। हत्या के बाद साले की मदद से शव ठिकाना लगाना स्वीकारा।











