सांसद तो गए ही अब संसद भवन में दफ्तर भी छिनेगा! उद्धव के सामने एक और संकट

लोकसभा सांसदों की बगावत के झटके से उबर रही शिवसेना यूबीटी को एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है. उसके 6 सांसदों के शिवसेना शिंदे में विलय के बाद संसद भवन परिसर में मिले उसके ऑफिस के छिनने की संभावना भी बढ़ जाएगी. इस घटनाक्रम को स्पीकर की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद शिवसेना यूबीटी के संसदीय दल में केवल 4 सांसद ही बचेंगे. जबकि सामान्यतः केवल 5 या उससे अधिक सांसदों वाले दलों को ही संसद भवन परिसर में ऑफिस मिलता है.
इतना ही नहीं महत्वपूर्ण विषयों पर बुलाई जाने वाली सर्वदलीय बैठकों में शिवसेना यूबीटी की भागीदारी पर भी प्रश्न चिन्ह लगेगा. इसकी वजह ये है कि सामान्यतः 5 से कम सांसदों वाले दलों को इन बैठकों में नहीं बुलाया जाता है. अभी शिवसेना यूबीटी के संसदीय दल का ऑफिस संविधान सदन (पुराने संसद भवन) के रूम नंबर 128-A में है. यह अविभाजित शिवसेना के ऑफिस 128 के बगल में ही है
उधर, लोकसभा अध्यक्ष ने ठाकरे सेना के लोकसभा दल के नेता अरविंद सावंत और अनिल देसाई को बैठक का निमंत्रण भेजा है. दोनों लोकसभा अध्यक्ष से मिलेंगे. ठाकरे दल ने अनुरोध किया था कि दल-बदल करने वाले सांसदों के समूह को बैठक में शामिल न होने दिया जाए. इस संबंध में पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उसी दिन दिया गया था, जिस दिन उद्धव सेना की बैठक को व्हिप जारी कर बुलाया गया था.
इसके बाद सभी छह सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में आधिकारिक तौर पर शिंदे सेना में शामिल हो गए. फिर लोकसभा अध्यक्ष ने ठाकरे दल को बैठक के लिए आमंत्रित किया. अब सबकी निगाहें इस बैठक के नतीजों पर टिकी हैं.
शिरडी के सांसद भाऊसाहेब का बयान
वहीं, शिरडी के सांसद भाऊसाहेब जो कि ठाकरे गुट छोड़ चुके हैं उन्होंने बड़ा बयान दिया है. भाऊसाहेब ने कहा, हमने यह फैसला अपने क्षेत्र के विकास के लिए लिया है. पार्टी बदलने के बाद भाऊसाहेब अपने निर्वाचन क्षेत्र शिरडी पहुंचे थे. इस मौके पर उनका भव्य स्वागत किया गया. शिरडी में एंट्री करने के बाद उन्होंने ठाकरे खेमे द्वारा लगाए गए आरोपों का करारा जवाब दिया. उन्होंने यह भी बताया कि बागी होने का फैसला क्यों किया.
उन्होंने कहा,मेरे कार्यकर्ताओं में उत्साह है. मैंने जो फैसला लिया है, वह सही है. आलोचक कम हैं और खुशी जाहिर करने वाले कई लोग हैं. मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा जरूर करूंगा. मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में जरूर कदम रखूंगा. इससे पहले ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने चेतावनी दी थी कि वो भाऊसाहेब को अपने निर्वाचन क्षेत्र में कदम नहीं रखने देंगे.











