भारत-UAE रक्षा साझेदारी को नई मजबूती, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग पर सहमति

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच रक्षा सहयोग को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने, नई तकनीकों के विकास और सामरिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की।

रक्षा उद्योग और तकनीकी सहयोग पर फोकस

बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और UAE के ब्रिगेडियर स्टाफ जमाल इब्राहिम मोहम्मद इब्राहिम अल मरज़ूकी ने की। इस दौरान रक्षा उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने, उन्नत रक्षा तकनीकों के विकास और विशेष रक्षा प्रणालियों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने संयुक्त परियोजनाओं और तकनीकी आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

समुद्री सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति

हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। बैठक को भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ब्रह्मोस मिसाइल में UAE की रुचि

भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल वैश्विक रक्षा बाजार में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रही है। जानकारी के अनुसार, UAE उन देशों में शामिल है जो इस अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली में रुचि दिखा रहे हैं। समुद्री और हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए UAE भारत के साथ रक्षा सहयोग को विस्तार देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच भारत की रक्षा तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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