पहली तेज बारिश में थमी मुंबई की रफ्तार, ट्रांस हार्बर लाइन ठप; 39 लोकल फेरे रद्द

मानसून की पहली ही तेज बारिश ने मुंबई की उपनगरीय रेल व्यवस्था की पोल खोल दी। ट्रांस हार्बर लाइन पर तुर्भे-कोपरखैरणे के बीच पटरियों के नीचे की गिट्टी बह जाने से करीब दो घंटे तक लोकल सेवाएं ठप रहीं। इसका असर मध्य, हार्बर और पश्चिम रेलवे पर भी पड़ा। दिनभर में 39 लोकल फेरे रद्द किए गए, जबकि कई ट्रेनें 20 मिनट से अधिक की देरी से चलीं। परिणामस्वरूप लाखों यात्रियों को भीड़, देरी और भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण ट्रांस हार्बर लाइन पर तुर्भे और कोपरखैरणे स्टेशनों के बीच पटरियों के नीचे की गिट्टी बह गई, जिससे सुरक्षा कारणों से मध्य रेलवे ने सुबह 5.50 बजे अप और डाउन दोनों लाइनों पर यातायात रोक दिया। युद्धस्तर पर मरम्मत के बाद सुबह 7.35 बजे सेवाएं बहाल कर दी गईं, लेकिन 30 किमी प्रति घंटा की गति सीमा लागू रहने से लोकल सेवाएं पूरे दिन प्रभावित रहीं।
ट्रांस हार्बर लाइन बंद होने से ठाणे, वाशी और नवी मुंबई के यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना पड़ा, जिससे सड़कों पर दबाव बढ़ गया और बस स्टॉप तथा शेयर ऑटो स्टैंडों पर लंबी कतारें लग गई।
बारिश में विभागीय व्यवस्था की परीक्षा, परेशान हुए यात्री
मुंबई लोकल सेवाओं में हुई देरी का सबसे अधिक असर कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और व्यावसायिक यात्रियों पर पड़ा, कई लोग समय पर अपने कार्यालय और कॉलेज नहीं पहुंच सके।
कुछ यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कई लोगों ने भीड़ के कारण वैकल्पिक परिवहन का विकल्प चुना। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बेस्ट के रुट का डायवर्जन
बुधवार सुबह हुई भारी बारिश से मुंबई शहर की बस सेवाएं भी प्रभावित रहीं। पेड़ गिरने और अन्य घटनाओं के कारण बेस्ट ने मालाड, माटुंगा, कुर्ला, प्रभादेवी, विक्रोली, वडाला और सांताक्रूज समेत कई इलाकों में 20 से अधिक बस मार्गों का डायवर्जन किया। सुबह के व्यस्त समय में यात्रियों को भारी भीड़ और परेशानी का सामना करना पड़ा।











