क्या है यमुना जल प्रोजेक्ट? 32 साल बाद राजस्थान को मिलेगा ‘हक’, शेखावटी के तीन जिलों को सीधे फायदा

राजस्थान के लिए बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना अब धरातल पर उतरने की ओर आगे बढ़ रही है. 29 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे. आइए जानते हैं कि इस परियोजना से किन-किन जिलों के लोगों को फायदा होगा.

जानकारी के अनुसार इस समझौते में राजस्थान और हरियाणा के बीच पानी की मात्रा, परियोजना की लागत, निर्माण, संचालन और जल वितरण से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान दौरे के दौरान इस परियोजना की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं.

किन जिलों को मिलेगा पानी?

यमुना जल समझौते के तहत शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों के शहरों और गांवों को करीब 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी यानी की 577 अरब (57,700 करोड़) लीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत 33,379 करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 3,900 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे.

कैसे पहुंचेगा राजस्थान में यमुना का पानी?

परियोजना के तहत करीब 302 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे यमुना का पानी राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा. हालांकि भूमि अधिग्रहण और रेलवे ट्रैक के किनारे पाइपलाइन बिछाना इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है. रेलवे कॉरिडोर के साथ केवल 68 किलोमीटर क्षेत्र उपलब्ध है, जबकि शेष हिस्से के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और निजी भूमि का उपयोग करना होगा.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com