नशे के इंजेक्शन का खतरनाक नेटवर्क, सिरिंज साझा करने से 135 युवा एचआईवी संक्रमित

शहर में नशीले इंजेक्शनों की अवैध तस्करी और बिक्री ने गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। ओडिशा सीमा से प्रतिबंधित दर्द निवारक इंजेक्शन लाकर कई गुना अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। नशे की लत में एक ही सिरिंज का साझा उपयोग करने के कारण बड़ी संख्या में युवा एचआईवी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद यह नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है।

ओडिशा से हो रही सप्लाई, कई गुना कीमत पर बिक्री

जानकारी के अनुसार, ओडिशा के झारसुगुड़ा और बरगढ़ क्षेत्र से ब्यूटोरफेनॉल और पेंटाजोसिन जैसे प्रिस्क्रिप्शन आधारित दर्द निवारक इंजेक्शन अवैध रूप से लाकर स्थानीय स्तर पर बेचे जा रहे हैं। 50 से 70 रुपए कीमत वाले इंजेक्शन 500 से 700 रुपए तक में बेचे जा रहे हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए कई युवा चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं।

साझा सिरिंज बनी संक्रमण का कारण

जांच में सामने आया है कि 16 से 26 वर्ष आयु वर्ग के कई युवा नशीले इंजेक्शन लगाने के दौरान एक ही सिरिंज का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी वजह से करीब 135 युवाओं के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। कई संक्रमित युवाओं ने स्वीकार किया कि खराब संगत और नशे की लत के चलते वे इस बीमारी की चपेट में आए। कुछ मामलों में जेल के दौरान स्वास्थ्य जांच में संक्रमण का पता चला।

पुलिस की कार्रवाई जारी, नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी

पुलिस ने नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री से जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और सप्लाई चेन की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बिना चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने और जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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