नकटी बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन तेज, मंत्री आवास और सीएम हाउस की ओर बढ़े ग्रामीण

नकटी गांव में हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रभावित परिवारों और कांग्रेस नेताओं का आंदोलन शुक्रवार को तेज हो गया। प्रदर्शनकारी पहले रायपुर कलेक्टोरेट पहुंचे और धरना दिया। वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर वे पैदल मार्च करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के सरकारी आवास की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने उन्हें रोककर हटा दिया।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में बड़ी संख्या में बल तैनात किया और शंकर नगर की ओर जाने वाले मार्ग के एक हिस्से को एहतियातन बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन पुनर्वास और मुआवजे पर बातचीत करने के बजाय भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 66 एकड़ क्षेत्र में फेंसिंग और बाउंड्री निर्माण का कार्य करा रहा है।

आंदोलन में शामिल ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि प्रभावित परिवारों को गांव में ही 2 हजार वर्गफीट जमीन उपलब्ध कराई जाए और जिनके मकान तोड़े गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शन में कई कांग्रेस नेता, पूर्व विधायक और बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण शामिल रहे।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना और जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। देर रात कुछ प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर भी बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास जाने वाले मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नकटी गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पहली बार सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाले परिवारों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 66 परिवारों को नवा रायपुर में फ्लैट आवंटित किए गए हैं और हटाने की कार्रवाई वाले दिन ही उन्हें आवास का आवंटन भी कर दिया गया।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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