सूरजपुर में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, धान की रोपाई करते मिले चार नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू

सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड में बाल श्रम के खिलाफ जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए खेत में धान की रोपाई कर रहे चार नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू किया। यह कार्रवाई चाइल्डलाइन 1098 पर मिली शिकायत के बाद की गई। मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्डलाइन, श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने पहुंचकर जांच की।
जांच के दौरान दो लड़के और दो लड़कियां खेत में वयस्क मजदूरों के साथ धान की रोपाई करते मिले। सभी बच्चे कक्षा 5वीं, 6वीं और 7वीं के विद्यार्थी बताए गए हैं। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया।
जांच में यह भी सामने आया कि बच्चों से प्रतिदिन 450 रुपये की मजदूरी पर काम कराया जा रहा था। संयुक्त टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया और आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की।
प्रशासन के अनुसार, चारों बच्चों को आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) सूरजपुर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, श्रम विभाग ने बच्चों से मजदूरी कराने वाले नियोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना दंडनीय अपराध है। साथ ही, बच्चों को शिक्षा से वंचित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम का भी उल्लंघन है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों से मजदूरी कराए जाने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्डलाइन 1098 या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।











