कैंसर का इलाज कराने के नाम पर 13 लाख की ठगी, पैसे लौटाने की मांग पर CBI में फंसाने की दी धमकी

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कैंसर का इलाज कराने का झांसा देकर एक परिवार से 13 लाख 13 हजार 673 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि टीवी पर प्रसारित ज्योतिषीय विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले परिवार को पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से चौथे स्टेज का कैंसर ठीक करने का भरोसा दिलाया गया। जब इलाज का कोई असर नहीं हुआ और पीड़िता ने रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उसे पुलिस, सीबीआई और हत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी।
पीड़िता प्रेमलता चंद्राकर ने पुलिस को बताया कि उनके पति चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। धार्मिक चैनल पर प्रसारित एक ज्योतिष संस्था का विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने दावा किया कि विशेष पूजा-अनुष्ठान से उनके पति पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे। इसके बाद अलग-अलग पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर लगातार रकम मांगी जाने लगी।
शिकायत के अनुसार, शुरुआत में बारकोड के माध्यम से 30 हजार रुपये जमा कराए गए, फिर फोन-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लगातार भुगतान कराया गया। पीड़िता ने पति के इलाज की उम्मीद में अपना सोना गिरवी रखा और परिचितों से कर्ज लेकर भी रकम जुटाई। आरोप है कि कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपये विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों पर ट्रांसफर किए गए।
महिला ने बताया कि बेटी और परिचितों के खातों से भी बड़ी रकम आरोपियों तक पहुंचाई गई। आरोपियों ने बाद में पैसे वापस करने का भरोसा भी दिलाया, लेकिन कुछ समय बाद फिर फोन कर कहा कि उनके खिलाफ पुलिस और सीबीआई की कार्रवाई हो सकती है। इतना ही नहीं, यह भी दावा किया गया कि एक व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में उनका नाम सामने आया है और यदि पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें हत्या के मामले में फंसा दिया जाएगा। डर दिखाकर उनसे दोबारा रकम मांगी गई।
पीड़िता का आरोप है कि ठगों ने उनकी भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाते हुए उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी व्हाट्सएप के माध्यम से मंगवाए। उन्होंने नवंबर 2024 से मई 2026 के बीच कई किस्तों में अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर किए।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी वित्तीय लेनदेन और संबंधित खातों की जांच की जा रही है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।











