पेपर लीक पर शिकंजा कसने की तैयारी, लोकसभा में आज पेश होगा नया संशोधन विधेयक

प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित परीक्षा घोटालों पर सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सदन में यह विधेयक पेश करेंगे। सरकार की ओर से इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा के लिए युवा सांसदों को प्राथमिकता दी गई है और इस पर आठ से दस घंटे तक बहस होने की संभावना है।
संसद में विधेयक पर सत्ता पक्ष की ओर से बांसुरी स्वराज, तेजस्वी सूर्या सहित कई युवा सांसद अपनी बात रखेंगे। वहीं विभिन्न सहयोगी दलों के सांसद भी चर्चा में हिस्सा लेंगे। सरकार का कहना है कि यह संशोधन प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं और संगठित पेपर लीक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लाया जा रहा है।
प्रस्तावित संशोधन के तहत संगठित पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में अधिकतम सजा बढ़ाकर 10 वर्ष तक की जेल करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे अपराधों में शामिल गिरोहों पर अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। विधेयक में डिजिटल माध्यमों से होने वाली नई तरह की परीक्षा हेराफेरी और तकनीकी धोखाधड़ी को भी अपराध की श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव है।
संशोधन में परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं, परीक्षा एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी तय की गई है। यदि किसी संस्थान की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा। साथ ही संगठित नकल और पेपर लीक सिंडिकेट पर प्रभावी कार्रवाई के लिए जांच और अभियोजन तंत्र को और मजबूत बनाने की व्यवस्था की गई है।
इस बीच संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखा है। विपक्षी दलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री से सदन में बयान देने की मांग की है। वहीं सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।











