एफसीएनआर जमा में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की उम्मीद, विदेशी मुद्रा भंडार को मिल सकता है 85 अरब डॉलर तक का बड़ा सहारा

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को आने वाले दिनों में बड़ी मजबूती मिलने की संभावना है। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) यानी एफसीएनआर (बी) जमा योजना के तहत महज 45 दिनों में 2013 के विशेष अभियान के दौरान जुटाई गई राशि का रिकॉर्ड टूट सकता है। रिपोर्ट का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक के मौजूदा उपायों के तहत कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह 80 से 85 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक ने 17 जुलाई तक कुल 20.7 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा प्रवाह की जानकारी दी थी, जिसमें अकेले एफसीएनआर (बी) जमा के जरिए 17.4 अरब डॉलर शामिल थे। बाद के रुझानों के आधार पर एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि एफसीएनआर (बी) जमा 2013 में जुटाए गए 26 अरब डॉलर के स्तर को पार कर चुका है। उल्लेखनीय है कि 2013 में इस आंकड़े तक पहुंचने में लगभग तीन महीने का समय लगा था।

एसबीआई रिसर्च ने अब एफसीएनआर (बी) जमा का अनुमान बढ़ाकर 65 से 70 अरब डॉलर कर दिया है, जबकि पहले यह अनुमान 40 से 45 अरब डॉलर का था। रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी मुद्रा उधारी (ओएफसीबी) और बाहरी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) को मिलाकर कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह 80 से 85 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की इसमें सबसे बड़ी भूमिका रहने की संभावना जताई गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त और सितंबर में परिपक्व होने वाली एफसीएनआर (बी) जमा का बड़ा हिस्सा नई योजना के तहत अधिक ब्याज दरों के कारण दोबारा निवेश किया जा सकता है। केवल इन नवीनीकरणों से ही लगभग 10 अरब डॉलर का अतिरिक्त प्रवाह आने का अनुमान लगाया गया है।

हालांकि, एसबीआई रिसर्च ने यह भी कहा है कि विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने के बावजूद रुपये पर दबाव बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक का विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप अपेक्षाकृत सीमित रहा है। बैंक का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट्स) में 50 अरब डॉलर से अधिक का अधिशेष दर्ज हो सकता है, जबकि पहले घाटे की आशंका जताई जा रही थी।

इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक साक्षात्कार में बताया कि जून में घोषित डॉलर-इनफ्लो योजना के तहत अब तक लगभग 32 अरब डॉलर का प्रवाह हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस राशि का अधिकांश हिस्सा एफसीएनआर (बी) जमा योजना से आया है, जबकि कर संबंधी बदलावों के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के रूप में भी करीब 7 अरब डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ है। गवर्नर ने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति संतुलित है और महंगाई पर फिलहाल नियंत्रण बना हुआ है, हालांकि खाद्य और ईंधन की कीमतों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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