लाल बत्ती नहीं, हमारे बच्चों को स्कूल चाहिए’… MP में आरक्षण संघर्ष समिति बनाने का ऐलान

उज्जैन पहुंचे गुर्जर नेता विजय किरोड़ी सिंह बैंसला ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग उठाई है। उन्होंने मौन तीर्थ में समाजजनों के साथ मंथन किया। इस दौरान कहा कि लाल बत्ती नहीं, हमारे बच्चों को स्कूल चाहिए। बैंसला ने शिक्षा और कर्ज मुक्त समाज बनाने पर जोर देते हुए कहा कि कर्ज लेकर दिखावा न करें, बच्चों की पढ़ाई पर करें खर्च। वहीं उन्होंने मध्य प्रदेश में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश इकाई गठित कर गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करने का ऐलान किया।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय किरोड़ी सिंह बैंसला सड़क मार्ग से उज्जैन पहुंचे। मालवा अंचल में गुर्जर समाज के मिलन सिंह गुर्जर व मेवाड़ा भांबी समाज के जितेंद्र परमार के नेतृत्व में समाजजनों ने बड़ी संख्या में उनकी अगवानी की। उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित मौन तीर्थ के गंगा घाट पर आयोजित बैठक में उन्होंने समाज को आरक्षण दिलाने सहित विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर गहरा मंथन किया। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश में भी गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश इकाई गठित कर गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करने का ऐलान किया। उज्जैन में समाज के साथ चर्चा के बाद वे जयपुर में आयोजित एक आवश्यक बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
देवनारायण योजना के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए बैंसला ने मध्यप्रदेश में देवनारायण योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मिलकर इस योजना की रूपरेखा बनी थी, लेकिन यहां समाज को केवल अध्यक्ष पद, गाड़ी और लाल बत्ती थमा दी गई। समाज को यह सब नहीं चाहिए, बल्कि राजस्थान की तर्ज पर बच्चों के लिए स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल चाहिए। राजस्थान में 1500 करोड़ रुपए की इस योजना से 32 लाख बच्चों को स्कॉलरशिप और आवासीय विद्यालय का सीधा लाभ मिल रहा है।
राजनीतिक उपेक्षा पर रखी बात
बैंसला ने प्रदेश में गुर्जर समाज की राजनीतिक उपेक्षा पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मुरैना से लेकर खंडवा तक गुर्जर समाज का बाहुल्य है, लेकिन राजनीतिक दल समाज के लोगों को चुनाव में टिकट नहीं देते। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव जातियों के आधार पर होते हैं, इसलिए जिस क्षेत्र में जिस जाति का बाहुल्य हो, वहां उसे प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। आगामी चुनावों में समाज मजबूती से अपना राजनीतिक हक मांगेगा।
बैंसला ने की ये अपील
समाज सुधार पर जोर देते हुए बैंसला ने चार मुख्य बातों – अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, पढ़ी-लिखी मां और कर्ज मुक्त समाज को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों में दिखावे के लिए कर्ज न लें। इस पैसे को बचाकर अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च करें। अगर मां शिक्षित होगी, तो वह बच्चों को घर पर ही पढ़ा सकेगी। बैठक में सामने आए इन निष्कर्षों के आधार पर ही गुर्जर समाज की आगामी गतिविधियों और आंदोलनों की रूपरेखा तय की गई।
इस कार्यक्रम में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, समाजसेवी मिलन सिंह गुर्जर, बाबूलाल गुर्जर पंडा, चरण सिंह पंडा, विजय सिंह पंडा, सुरेश गुर्जर सरपंच, मेहरबान पटेल, वीर सिंह राणा, पूर्व पार्षद जगदीश गुर्जर, लाडसिंह गुर्जर सरपंच, हुकम नेता, चैनसिंह गुर्जर सहित मालवांचल के कई प्रबुद्ध और प्रभावशाली लोग उपस्थित हुए।











