सांसद के बेटे ने महिला को कुचलाः हैदराबाद हिट एंड रन केस में गई महिला की जान, मौत के बाद केस दर्ज

हैदराबाद में हिट एंड रन के एक केस में महिला की मौत हो गई. महिला को टक्कर मारने वाली गाड़ी से राज्यसभा सांसद के बेटे को पकड़ा गया था. सांसद के बेटे की एंट्री के बाद यह मामला हाई प्रोफाइल हो गया. हर किसी की नजर इस हादसे पर गई. मामले में पुलिस ने कार को जब्त कर आरोपी को पकड़ तो लिया लेकिन आगे क्या एक्शन लिए गए, इसकी जानकारी अब सामने आई है. पुलिस ने हादसे के बाद पकड़े गए आरोपी की जांच कराई ताकि यह पता चल सके कि एक्सीडेंट के समय वो सामान्य था या फिर शराब या फिर किसी नशे में था.

ड्राइवर को जमानत पर छोड़ दिया गया

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह हादसा तब हुआ जब कार IKEA जंक्शन की तरफ से जुबली हिल्स की ओर जा रही थी. हादसे के बाद ड्राइवर को पकड़ा गया लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया. कार को जब्त कर लिया गया है और अब वह कोर्ट की संपत्ति है. आरोपी का ब्लड टेस्ट नेगेटिव आया है.

टेस्ट में किसी नशे में नहीं मिला सांसद का बेटा

पुलिस सूत्रों का कहना है कि दुर्घटना के समय वह शराब या किसी अन्य नशे के प्रभाव में नहीं था. लेकिन उसे जरूरत पड़ने पर जांच के लिए पेश होने को कहा गया है. दरअसल हैदराबाद के माधापुर इलाके में स्थित इनऑर्बिट मॉल के पास 16 अगस्त को हुए एक सड़क हादसे में 26 वर्षीय महिला की मौत हो गई.

आंध्र के राज्यसभा सांसद लिंगमानेनी का बेटा आरोपी
बताते चले कि इस हादसे में जान गंवाने वाली मृतका की पहचान भारती मुखी के रूप में हुई है, जो इनऑर्बिट मॉल के लाइफस्टाइल स्टोर में सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर कार्यरत थी. मामले में आंध्र प्रदेश से जनसेना पार्टी के राज्यसभा सांसद और उद्योगपति लिंगमानेनी रमेश के 21 वर्षीय बेटे लिंगमानेनी संजुश को आरोपी बनाया गया था.

मॉल के सामने सड़क पार कर रही थी, तभी हुई टक्कर

आरोप है कि संजुश द्वारा चलाई जा रही एक लग्जरी एस्टन मार्टिन कार (नंबर TG-09-G-0666) की टक्कर से यह हादसा हुआ. FIR के अनुसार घटना वाले दिन भारती मुखी और उनकी सहकर्मी पूजा अशोक अलोन (26) दोपहर करीब 3 बजे आईटीसी कोहेनूर क्षेत्र में खाना लेने गई थीं. लौटते समय जब भारती इनऑर्बिट मॉल के सामने सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार ने उन्हें टक्कर मार दी.

आरोपी को भेजा गया नोटिस

मामले में माधापुर एसीपी सी. श्रीधर ने बताया कि आरोपी को नोटिस भेजा गया है. लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई है, क्योंकि अपराध जमानती है और अधिकतम सजा सात साल से कम है. मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत दर्ज किया गया है, जो लापरवाही से मृत्यु कारित करने से संबंधित है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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