राजस्थान में 611 स्कूलों के पास अपनी बिल्डिंग नहीं, कितने स्कूलों में नहीं है टॉयलेट? हैरान कर देंगे सरकारी आंकड़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा सब पढ़ें, सब बढ़ें और स्कूल चलो अभियान जैसे नारे राजस्थान में हकीकत से कोसों दूर नजर आते हैं. यहां 611 सरकारी स्कूलों में भवन और दो हजार से ज्यादा स्कूलों में शौचालय नहीं हैं. ये आलम तब है, जब यहां डबल इंजन की सरकार है. राजस्थान में सरकारी स्कूलों की हालत बड़ी बदहाल है. हालांकि, राज्य के बदहाल सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए भजन लाल शर्मा सरकार के द्वारा कार्य योजना तैयार की गई है.

राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे को सुधारने के लिए अगले पांच साल में 12 हजार पांच सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके तहत न इमारतों का निर्माण, पुरानी इमारतों का जिर्णोंद्धार, स्कूलों में जरूरी शैक्षिक सामाग्रियों की उपलब्धता समेत अन्य दूसरे काम किए जाएंगे. सरकारी स्कूलों की रिकॉर्ड की जानकारी के अनुसार, यहां 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास खुद की इमारत नहीं है.

ज्यादातर स्कूल बाड़मेर और जैसलमेर जिले में

जब तेज भारी या भीषण गर्मी पड़ती है, तो इन सरकारी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी जाती हैं. इन 611 स्कूलों में से ज्यादातर स्कूल बाड़मेर और जैसलमेर जिले में चल रहे हैं. दो हाजार से ज्यादा स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है. प्रदेश में 64,484 सरकारी स्कूल हैं. बता दें कि काकरोच जनता पार्टी के स्कूल ठीक करो अभियान के तहत रामपुरा और कंवरपुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल को लेकर सीजेपी कार्यकर्ताओं और गांववालों के बीच विवाद हो गया था. उस स्कूल की इमारत का निर्माण कार्य 18 सितंबर से शुरू किया जाएगा. इसके लिए 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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