ऋषभ शर्मा के नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई, फाइनेंस फ्रॉड में 2 और गिरफ्तार

दुर्ग और आसपास के जिलों में कथित फाइनेंस फ्रॉड के मामले में पद्मनाभपुर पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दूसरे लोगों के नाम और दस्तावेजों पर मोबाइल, एसी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराकर उन्हें बाजार में बेच देते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भिलाई के स्मृति नगर निवासी मिहिर रंजन रॉय और दुर्ग के केलाबाड़ी निवासी शेखर देशमुख के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस मामले में पुलिस पहले ऋषभ शर्मा, दीपेश जोशी और दुर्गेश गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है। दो और गिरफ्तारियों के बाद अब मामले में कुल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
पुलिस जांच के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़े लोग युवाओं को कम EMI, ज्यादा कमाई और सिबिल स्कोर सुधारने का लालच देते थे। इसके बाद उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराया जाता था।
आरोप है कि फाइनेंस होने के बाद सामान संबंधित व्यक्ति को देने के बजाय उसे बाजार में बेच दिया जाता था। वहीं, फाइनेंस की किस्तें नहीं भरने पर EMI का दबाव उस व्यक्ति पर आता था, जिसके नाम पर सामान लिया गया था। ऐसे में व्यक्ति को सामान भी नहीं मिलता था और किस्त चुकाने की जिम्मेदारी भी उसी पर आ जाती थी।
मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा ने 24 जुलाई 2026 को कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ कर बैंक पासबुक, चेकबुक, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल खरीद से संबंधित बिल जब्त किए थे। पुलिस अलग-अलग बैंक खातों में हुए लेनदेन की भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कथित फाइनेंस फ्रॉड को लेकर करीब 25 से 30 FIR और 100 से ज्यादा आवेदन मिलने की जानकारी पुलिस के सामने आई है।
नई कार्रवाई में पुलिस ने मिहिर रंजन रॉय और शेखर देशमुख से सैमसंग मोबाइल और बैंक पासबुक जब्त की है। फिलहाल पुलिस फाइनेंस कराए गए सामान, उनकी बिक्री और पैसों के लेनदेन से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।











