सिलतरा वेयरहाउस में शराब घोटाले का आरोप: नष्ट की जाने वाली बोतलें बाजार में बेचने का दावा, प्रभारी हटाई गईं

रायपुर के सिलतरा वेयरहाउस में शराब के भंडारण और वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि जिन शराब की बोतलों को आबकारी विभाग ने नष्ट करने का आदेश दिया था, उन्हें बाजार में बेच दिया गया। मामले के सामने आने के बाद वेयरहाउस की प्रभारी को पद से हटा दिया गया है, जबकि विभाग ने जांच की बात कही है।
नष्ट किए जाने वाले स्टॉक की बिक्री का आरोप
जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग ने मई 2026 में हजारों बॉक्स में रखी शराब की बोतलों को नष्ट करने का आदेश जारी किया था। आरोप है कि इस स्टॉक का बड़ा हिस्सा नष्ट करने के बजाय बाजार में खपा दिया गया। जांच के दौरान ऐसी कई शराब की बोतलों की जानकारी सामने आई, जिनका नाम विभाग की नष्टीकरण सूची में दर्ज था, लेकिन वे बिक्री के लिए उपलब्ध पाई गईं।
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिवहन के दौरान टूट-फूट के लिए मिलने वाली ब्रेकेज छूट का दुरुपयोग किया गया। कथित तौर पर क्षतिग्रस्त दिखाए गए स्टॉक को बाद में अवैध रूप से बेच दिया गया। इस संबंध में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।
विधानसभा तक पहुंचा मामला
मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि वेयरहाउस में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को संरक्षण मिला हुआ था। साथ ही स्टॉक प्रबंधन, श्रमिकों की संख्या और निगरानी व्यवस्था में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, एक्सपायरी या नष्ट किए जाने योग्य घोषित शराब को भी बाजार में पहुंचाने का खेल चल रहा था। कुछ ब्रांडों की बीयर और शराब की पेटियों को क्षतिग्रस्त दिखाकर अवैध बिक्री किए जाने की बात भी सामने आई है।
जांच के आदेश, कई अधिकारियों के तबादले
आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि यदि नष्ट किए जाने वाले स्टॉक की बिक्री की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले भी किए हैं। रायपुर सहित विभिन्न जिलों में आबकारी अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं की गई हैं। विभाग का दावा है कि व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और शिकायतों की जांच के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।











