आवारापन 2 में अनिरुद्ध रावल ने जीता दिल, मासूम सिकंदर के किरदार ने क्लाइमैक्स में बदला कहानी का रुख

इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ रिलीज होने के बाद से ही इसके किरदारों और कहानी के ट्विस्ट को लेकर चर्चा में है। फिल्म में एक ऐसा किरदार भी है, जिसने बिना ज्यादा संवाद और शोर-शराबे के दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। यह किरदार सिकंदर का है, जिसे अभिनेता अनिरुद्ध रावल ने निभाया है। अनिरुद्ध दिग्गज अभिनेता परेश रावल और स्वरूप संपत के छोटे बेटे हैं।

फिल्म की कहानी तीन भाई-बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें जोरावर का किरदार पूरन गब्बी, जारा का किरदार दिशा पाटनी और सबसे बड़े भाई सिकंदर का किरदार अनिरुद्ध रावल ने निभाया है। सिकंदर का किरदार ऑटिज्म से प्रभावित और बेहद मासूम युवक के रूप में दिखाया गया है, जिसका हिंसा, अपराध और हथियारों की दुनिया से कोई संबंध नहीं है।

मासूम किरदार ने क्लाइमैक्स में बदला कहानी का रुख

फिल्म की शुरुआत से लेकर इंटरवल तक सिकंदर का किरदार बेहद शांत दिखाई देता है। वह अपनी ही दुनिया में रहता है और कहानी में उसकी मौजूदगी भावनात्मक पक्ष को मजबूत करती है। हालांकि, क्लाइमैक्स में इसी किरदार की एक कार्रवाई कहानी की दिशा बदल देती है।

जब शिवम पंडित और खलनायक के बीच निर्णायक मुकाबला होता है, तब सिकंदर का किरदार ऐसा कदम उठाता है, जिसका असर पूरी कहानी पर पड़ता है। अनिरुद्ध ने अपने किरदार की बॉडी लैंग्वेज और शांत स्वभाव को पूरे समय बरकरार रखा, जिससे क्लाइमैक्स का प्रभाव और ज्यादा बढ़ गया।

परेश रावल के बेटे ने एक्टिंग में बनाई अलग पहचान

अनिरुद्ध रावल लंबे समय तक थिएटर और निर्देशन से जुड़ी बारीकियां सीखते रहे हैं। वहीं उनके बड़े भाई आदित्य रावल भी अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। ‘आवारापन 2’ में अनिरुद्ध ने चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाकर पर्दे पर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की है।

सिकंदर के किरदार में उनकी सादगी और भावनात्मक अभिव्यक्ति को फिल्म देखने वाले दर्शकों से सराहना मिल रही है। खासतौर पर क्लाइमैक्स में उनके किरदार की भूमिका ने कहानी के अंतिम हिस्से को अहम मोड़ दिया है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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