अस्पताल से गायब हुई फिमेल डॉग, मिली लाश; कोर्ट का अस्पताल को आदेश… इतना देना होगा हर्जाना

गुजरात के सुरत में अस्पताल की लापरवाही खिलाफ एक शख्स ने उपभोक्ता कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई. इस पर कोर्ट ने अस्पताल को आदेश दिया कि वो आवेदक को 12,900 रुपये चुकाएं. ये पूरा मामला अस्पताल से एक फिमेल डॉग के गुम हो जाने और बाद में उसकी मौत से जुड़ा है. कतारगाम के रहने वाले एक शख्स ने अपनी पालतू फिमेल डॉग को वेटनरी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था, लेकिन अस्पताल ने लापरवाही दिखाई, जिसकी वजह से फिमेल डॉग गायब हो गई.

फिर आखिरकार वो 26 दिन बाद मिली, लेकिन चूंकि फिमेल डॉग को सही इलाज नहीं मिल पाया, इसलिए उसकी मौत हो गई. फिमेल डॉग ‘जमकुड़ी’ 15 साल की थी. उसको कान में संक्रमण हो गया था. शख्स ने फिमेल डॉग को इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया था और 1600 रुपये जमा कराए थे. अस्पताल में भर्ती कराने के बाद अगले ही दिन फिमेल डॉग वहां से गायब हो गई.

अस्पताल ने 9 घंटे बाद दी सूचना

अस्पताल की ओर से फिमेल डॉग के गायब होने जाने की सूचना 9 घंटे के बाद शख्स को दी गई. एक संस्था के की सहायता से 26 दिन बाद फिमेल डॉग मिली, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इसके बाद शख्स इस मामले में फिमेल डॉग को तलाशने में हुए खर्च सहित अस्पताल की लापरवाही के खिलाफ उपभोक्ता कोर्ट पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई.

शिकायतकर्ता के वकील ने दीं ये दलीलें

उपोभक्ता कोर्ट ने इसी मामले में अस्पताल को शख्स को 12,900 रुपये चुकाने का आदेश दिया. शिकायतकर्ता की ओर से केस लड़ रहे अधिवक्ता ने कहा कि ग्राहक से पूरे यकीन के साथ अपनी फिमेल डॉग को अस्पताल को सौंपा था और इलाज के पैसे भी जमा किए थे. इसके बाद भी जानवर बाहर चला जाए तो ये गंभीर लापरवाही को दर्शता है. अस्पताल की लापरवाही के कारण ग्राहक पर फिमेल डॉग को खोजने का आर्थिक बोझ बढ़ा. इसलिए ग्राहत मुआवजे का हकदार है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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