सर्दियों से पहले LoC पर सेना प्रमुख का दौरा, लिया ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा

जम्मू-कश्मीर में सर्दियां शुरू होते ही सीमा पार से घुसपैठ की घटनाएं बढ़ने का आशंका रहती है, जिसे रोकने के लिए कड़ी चौकसी बरती जाती है. इसी बीच सर्दियों की दस्तक से पहले सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने LoC यानी लाइन ऑफ कंट्रोल पर सेना की ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया. शुक्रवार (25 सितंबर) को जनरल धीरज सेठ ने चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की.
इस दौरान सेना प्रमुख को LoC पर तैनात जवानों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी गई. उन्हें बदलते सुरक्षा माहौल और किसी भी चुनौती से निपटने की तैयारियों के बारे में भी ब्रीफ किया गया.
पाकिस्तान से सटी सीमा पर खास सतर्कता
LoC पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से सटी भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा है. ऐसे में सर्दियों से पहले अग्रिम इलाकों की तैयारियां अहम हो जाती हैं. सेना को खराब मौसम, बर्फबारी और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी लगातार निगरानी और ऑपरेशनल तैयारियां बनाए रखनी होती हैं. हालांकि, सेना की ओर से जारी जानकारी में पाकिस्तान की किसी नई गतिविधि या खास खतरे का उल्लेख नहीं किया गया है. सेना प्रमुख का दौरा मुख्य रूप से ऑपरेशनल रेडीनेस, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता की समीक्षा पर केंद्रित रहा.
‘VIJAY’ मंत्र पर सेना प्रमुख का जोर
जनरल धीरज सेठ ने जवानों और अधिकारियों के पेशेवर रवैये, प्रतिबद्धता और हर समय तैयार रहने के जज्बे की सराहना की. उन्होंने सभी रैंकों से VIJAY के पांच मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया. सेना प्रमुख ने जोर दिया कि भारतीय सेना को नई चुनौतियों के हिसाब से लगातार नई सोच और तकनीक अपनानी होगी, तेजी से बदलती परिस्थितियों के मुताबिक खुद को ढालना होगा, अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा और संभावित चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाना होगा.
सर्दियों में बढ़ जाती है चुनौती
LoC के ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दियों के दौरान मौसम और बर्फबारी के कारण ऑपरेशनल चुनौतियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में अग्रिम चौकियों पर तैनात सैनिकों के लिए लॉजिस्टिक्स, निगरानी, संचार और हथियारों की उपलब्धता बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है. सेना पहले से ही इन इलाकों में अपनी ऑपरेशनल क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दे रही है. जनरल धीरज सेठ का यह दौरा भी इसी व्यापक तैयारियों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है.
सेना प्रमुख ने सभी जवानों से मिशन के लिए हर समय तैयार रहने और बदलते सुरक्षा माहौल के अनुरूप खुद को तैयार रखने का आह्वान किया. उनका संदेश साफ है LoC पर मौसम बदले, हालात बदलें या चुनौती का स्वरूप बदले, भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए.











