वन माफिया पर बड़ी कार्रवाई! बलरामपुर में सेमल लकड़ी से भरा ट्रक जब्त, फर्जी दस्तावेजों का खुलासा

बलरामपुर : वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन एवं उपवनमण्डलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है.इसी क्रम में वनपरिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज निखिल सक्सेना के नेतृत्व में सर्किल एवं बीट रामानुजगंज के चोरपहरी बैरियर पर वाहन चेकिंग के दौरान एक बड़ी कार्रवाई की गई.

वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रक क्रमांक CG 15 AC/5484 को रोका गया, जिसमें सेमल लकड़ी लोड कर परिवहन किया जा रहा था। वाहन चालक मनोज मुईहर, पिता मुनीब मुईहर, उम्र 41 वर्ष, निवासी नवाडीह, तहसील व थाना चैनपुर, जिला पलामू (झारखण्ड) से लोडिंगमय वनोपज के संबंध में परिवहन अनुज्ञा पत्र (टी.पी.) की मांग कर जांच की गई। दस्तावेजों की ऑनलाइन NTPS प्रणाली से मिलान करने पर प्रस्तुत टी.पी. और ऑनलाइन रिकॉर्ड में भिन्नता पाई गई.
प्रथम दृष्टया अवैध परिवहन पाए जाने पर लोडिंगमय ट्रक को जप्त कर लिया गया। मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(ड) एवं 52, छत्तीसगढ़ वन उपज एवं व्यापार (विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5(1) तथा छत्तीसगढ़ वनोपज अनिवहन नियम 2001 की धारा 41 नियम (3) के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.
जप्ती की कार्रवाई के दौरान विजय सिंह (उपवन क्षेत्रपाल), दयाशंकर सिंह, श्रीमती सुसन्ना भगत (वनपाल) एवं मंगलचन्द्र राम, पिंटू मालाकार, धीरेश्वर प्रसाद उपाध्याय (वनरक्षक) मौके पर उपस्थित रहे और नियमानुसार कार्रवाई संपन्न कराई गई.
वनमण्डलाधिकारी, बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी, ने कहा कि:“वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज कटाई एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है.नियमों का उल्लंघन करने वालों पर किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। वनों के संरक्षण के लिए यह आवश्यक है कि कानून का कड़ाई से पालन हो.
”वनपरिक्षेत्राधिकारी, रामानुजगंज निखिल सक्सेना, ने कहा कि “वाहन चेकिंग के दौरान परिवहन अनुज्ञा पत्र और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर पाया गया, जिसके आधार पर ट्रक को जप्त किया गया है.आगे की जांच जारी है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.”











