विधानसभा में PDS पर बड़ा विवाद: राशन दुकानों में मसाला बिकने के आरोप से मचा हंगामा, मंत्री ने जांच की घोषणा की

रायपुर, 17 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़ा मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रदेश की कुछ उचित मूल्य (राशन) दुकानों के माध्यम से मसालों की बिक्री कराई जा रही है और महिला स्व-सहायता समूहों पर इसके लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में दस्तावेज मौजूद हैं।
विधायक ने अपने सवाल की शुरुआत राशन दुकानों के बचत स्टॉक के सत्यापन से की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा केवल अप्रैल 2025 तक की जानकारी उपलब्ध कराई गई है, जबकि उसके बाद का पूरा विवरण साझा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई जा रही है।
इस पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि विभाग नियमित रूप से राशन दुकानों की जांच कराता है। अधिकारियों द्वारा प्रत्येक 15 दिन में निरीक्षण किया जाता है और जहां भी शिकायतें मिली हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
मंत्री ने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से चावल, शक्कर तथा बस्तर क्षेत्र में चना वितरित किया जाता है। इसके बाद विधायक सुशांत शुक्ला ने पूछा कि क्या सरकार ने राशन दुकानों में मसालों की बिक्री की भी कोई व्यवस्था की है।
मंत्री ने इससे इनकार किया, जिसके बाद विधायक ने आरोप लगाया कि महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं पर मसालों की बिक्री का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास इससे जुड़े दस्तावेज हैं और वे सरकार को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।
इस पर मंत्री दयाल दास बघेल ने सदन में आश्वासन देते हुए कहा कि यदि विधायक दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कुछ देर तक सवाल-जवाब का दौर चला। मंत्री की जांच संबंधी घोषणा के बाद मामला फिलहाल दस्तावेजों की जांच पर केंद्रित हो गया है।











