जांबाज IPS मोनिका शुक्ला: किसान आंदोलन में बस के आगे ढाल बनकर खड़ी हुईं, झुकी उग्र भीड़

भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान जब उग्र प्रदर्शनकारी सुरक्षा की तीन लेयर तोड़कर पुलिस की बस पर काबिज हो गए और उसे चलाने की कोशिश करने लगे, तब एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (CP) मोनिका शुक्ला खुद एक बस के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गईं.उनका ये वीडियो अब जमकर वायरल हो रहा है. महिला आईपीएस अधिकारी के इस अचानक और साहसिक फैसले के आगे उग्र भीड़ को पीछे हटना पड़ा और एक बड़ा हादसा टल गया. उन्होने कहा- मुझे भय नहीं लगता क्योंकि आंदोलनकारी भी अपने ही लोग हैं.

काजी कैंप से लेकर भोपाल कमिश्नरेट तक,जांबाजी की मिसाल

वैसे ये पहला मौका नहीं है जब मोनिका शुक्ला ने उग्र हालात के बीच अकेले पहुंचकर मोर्चा संभाला हो. लगभग एक दशक पहले भोपाल के संवेदनशील काजी कैंप इलाके में एक सड़क हादसे के बाद जब भारी भीड़ उग्र हो गई थी, तब भी वह अकेले ही अपने सरकारी वाहन से भीड़ के बीच पहुंच गई थीं. उस दौरान उन्होंने सख्ती और सूझबूझ का परिचय देते हुए माहौल को शांत कराया था. मध्य प्रदेश पुलिस में उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में होती है, जो मुश्किल परिस्थितियों में अग्रिम मोर्चे पर रहकर नेतृत्व करने से पीछे नहीं हटतीं.

1994 से शुरू हुआ सफर, कई जिलों में संभाल चुकी हैं कमान

मूल रूप से नर्मदापुरम की रहने वाली मोनिका शुक्ला का पुलिस सेवा में एक लंबा और शानदार अनुभव रहा है. साल 1994 में मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा से अपने करियर की शुरुआत करने वाली मोनिका शुक्ला को बाद में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति मिली. अपने कार्यकाल के दौरान वह विदिशा समेत प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. वर्तमान में वह भोपाल में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के रूप में कानून-व्यवस्था की कमान संभाल रही हैं. उनके पति शशिकांत शुक्ला भी भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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