अगले 4 दिन प्रदेश में ठंड बढ़ेगी…4° गिरेगा पारा:डॉक्टर बोले- ये मौसम बीमारी लाता है, मलेरिया का डर ज्यादा; सतर्क रहें

छत्तीसगढ़ में अब ठंड बढ़ेगी। मौसम विभाग की माने तो अगले चार दिन पूरे प्रदेश में टेम्प्रेचर गिरेगा। तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। वहीं आज से दक्षिण छत्तीसगढ़ में यह ट्रेंड देखने को मिल सकता है।
दरअसल, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं आने लगी हैं, जिससे तापमान में गिरावट की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। यह खतरा आज यानी 7 नवंबर से 11 नवंबर तक बना रह सकता है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.1°C रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
जानिए कहां कैसा रहेगा मौसम
- उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़: मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। सुबह-शाम ठंड का असर महसूस होगा, दिन में हल्की धूप निकलेगी।
- दक्षिणी छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग):आज मौसम शुष्क रहेगा। आज से धीरे-धीरे रातें और ठंडी होंगी।
किसानों और शहरों के लिए संकेत
- रबी फसलों के लिए मौसम अनुकूल
- सुबह हल्की धुंध और कोहरा रह सकता है
- सुबह-शाम गर्म कपड़े जरूरी
- रात के समय तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ेगी
डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी, ये मौसम बीमारी ला सकता है
डॉ विकास अग्रवाल ने (एमडी, मेडिसिन) बताया कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…
- शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।
- स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।
- घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें।
2. पानी जमा न होने दें
- कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टी, बर्तन आदि में पानी जमा न रहने दें।
- सप्ताह में कम से कम एक बार इन्हें साफ और सूखा करें।
- नाली व ड्रेनेज सिस्टम खुला और साफ रखें।
3. शरीर को ढककर रखें
- खासकर शाम के समय पूरी बांह के कपड़े और फुल पैंट पहनें।
- बच्चों को भी हल्के लेकिन ढकने वाले कपड़े पहनाएं।
5. समय पर जांच और इलाज कराएं
- यदि बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण हों, तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराएं।
बार-बार हाेने वाले मलेरिया का संकट ज्यादा
मौसम विभाग की हेल्थ एडवाइजरी के अनुसार 7 नवंबर से 11 नवंबर 2025 के बीच भारत में मलेरिया फैलने की संभावित स्थिति को दिखाता है। इसे मौसम के आधार पर तैयार किया गया है, क्योंकि मलेरिया के मच्छर तापमान के हिसाब से फैलते हैं।
मलेरिया फैलने का आधार
- तापमान 33-39°C (दिन में)
- तापमान 14-19°C (रात में)
ऐसा तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल होता है। छत्तीसगढ़ में तापमान अभी इसी तरह का हो रखा है। यानी छत्तीसगढ़ में मलेरिया फैलने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अगले आठ दिनों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ माना जा रहा है, खासकर ग्रामीण/जंगल क्षेत्रों में।
दो तरह के मलेरिया का खतरा
- प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (गंभीर प्रकार का मलेरिया)
- प्लास्मोडियम विवैक्स (सामान्य लेकिन बार-बार लौटने वाला मलेरिया) छत्तीसगढ़ में 11 नवंबर तक प्लास्मोडियम विवैक्स के बढ़ने का ही खतरा ज्यादा है। ऐसे में अपने आस-पास के इलाके में पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का उपयोग करें। फुल स्लीव के कपड़े पहनें। बुखार और सिरदर्द हो तो तुरंत जांच कराएं।
इन राज्यों में भी जोखिम
- पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्य (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम आदि)
- गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक
- उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, और छत्तीसगढ़ के कुछ जिले
अक्टूबर में अब तक 59 फीसदी ज्यादा बारिश
छत्तीसगढ़ से मानसून 15 अक्टूबर तक लौट गया। मानसून सीजन 30 सितंबर को ही खत्म माना जाता है। इसलिए अक्टूबर में होने वाली बारिश को मौसम विभाग सालाना वर्षा के रूप में रिकॉर्ड करता है। इस साल अब तक 1 से 26 अक्टूबर तक 89.4 मिमी पानी गिर चुका है। ये औसत से 59 फीसदी ज्यादा है।











