बिलासपुर में तंत्र-मंत्र से डराने की साजिश, 4 आरोपी गिरफ्तार: जमानत के पैसे मांगने के बाद पीड़ित परिवार को धमकी देने का आरोप

बिलासपुर में चाकूबाजी के एक मामले में आरोपी की जमानत के लिए खर्च हुए कथित 1 लाख रुपए की मांग को लेकर पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने की साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने परिवार पर दबाव बनाने के लिए श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र की कथित गतिविधि कराई। इस दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा समेत अन्य लोगों की तस्वीरें रखे जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी को ग्रामीणों ने श्मशान घाट में ही पकड़ लिया था, जबकि तीन अन्य आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कथित तांत्रिक से इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया था।
जमानत के पैसे नहीं देने पर धमकी का आरोप
पुलिस के अनुसार, दयालबंद निवासी ओम बोले का भाई प्रियांशु बोले चाकूबाजी के एक मामले में जेल में बंद है। आरोप है कि ओम बोले अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और जमानत में खर्च हुए 1 लाख रुपए देने की मांग की। पैसे नहीं देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई और केस वापस लेने का दबाव बनाया गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर परिवार को तांत्रिक क्रिया कराने की धमकी भी दी। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद परिवार को डराने के लिए श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र की गतिविधि की योजना बनाई गई।
मामले में तोरवा निवासी तरुण बजाज, सफेद खदान निवासी मोहम्मद इसरार और जगमल चौक निवासी ऋषिकेश कुमार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, श्मशान घाट से पकड़ा गया ऋषिकेश ही कथित तौर पर तांत्रिक क्रिया कर रहा था।
श्मशान घाट में मिली पूजा सामग्री, तस्वीरों से जांच आगे बढ़ी
पुलिस को देवरी स्थित श्मशान घाट से मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर और अन्य पूजा सामग्री मिली। जांच के दौरान वहां कुछ तस्वीरें भी बरामद हुईं। इनमें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जेल में बंद आरोपी प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता की तस्वीरें शामिल होने की बात सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि इन गतिविधियों का उद्देश्य किसी न्यायिक अधिकारी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार पर मानसिक दबाव बनाकर उसे डराना था। आरोपियों ने कथित तौर पर तंत्र-मंत्र के जरिए परिवार को भयभीत करने की कोशिश की।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से ऋषिकेश कुमार से संपर्क किया था। पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क, कथित तांत्रिक गतिविधि और धमकी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।










