खेलों पर करोड़ों खर्च, फिर भी खाली हाथ विश्वविद्यालय: तीन साल में 3.60 करोड़ का बजट, एक भी राष्ट्रीय पदक नहीं

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 160 कॉलेजों के खिलाड़ियों पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। पिछले दो वित्तीय वर्षों में विश्वविद्यालय का कोई भी खिलाड़ी ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में पदक हासिल नहीं कर सका है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि 31 खेलों के लिए मैदान, उपकरण और कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं। हर वर्ष 100 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचते हैं, लेकिन पदक तालिका में विश्वविद्यालय का खाता नहीं खुल रहा है।

प्रशिक्षण शिविरों की अवधि घटी

खेल प्रशिक्षकों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक खिलाड़ियों के लिए 10 दिनों के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते थे, जिन्हें अब घटाकर पांच दिन कर दिया गया है। इससे खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास का अवसर नहीं मिल पाता।

प्रशिक्षकों का कहना है कि शिविरों की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन खर्च बढ़ने और बजट प्रभावित होने की आशंका के चलते इसे स्वीकार नहीं किया गया। इससे खिलाड़ियों की तैयारी पर असर पड़ रहा है।

सुविधाओं और बजट पर अलग-अलग दावे

विश्वविद्यालय के खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खिलाड़ियों को आवश्यक खेल सामग्री और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तथा पदक जीतना खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

वहीं कुछ प्रशिक्षकों का दावा है कि कई खेलों में पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को अपने निजी उपकरणों के सहारे अभ्यास करना पड़ता है। उनका मानना है कि संसाधनों की कमी भी प्रदर्शन प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों में शामिल है।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन सुधारने की चुनौती

विश्वविद्यालय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती खेलों पर हो रहे खर्च को बेहतर परिणामों में बदलने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षण अवधि बढ़ाने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और खिलाड़ियों को निरंतर मार्गदर्शन देने से प्रदर्शन में सुधार संभव है।

खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि बुनियादी तैयारियों और संसाधनों पर प्रभावी ढंग से काम किया जाए तो विश्वविद्यालय के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और पदक तालिका में स्थान बना सकते हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com