मध्य प्रदेश में 9वीं-11वीं की परीक्षाओं में डिजिटल बदलाव, AI से तैयार होंगे प्रश्नपत्र, 23 फरवरी से होगी शुरुआत

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाएं 23 फरवरी 2026 से शुरू होंगी, जो पूरी तरह बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र राज्य स्तर पर तैयार किए जाएंगे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का चयन किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों में अति लघुउत्तरीय और लघुउत्तरीय प्रश्नों की संख्या अधिक रखी जाएगी, जबकि दीर्घ उत्तरीय प्रश्न कम होंगे। प्रश्नपत्रों को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तरह पूरी सुरक्षा के साथ थानों में रखा जाएगा, ताकि किसी भी तरह की गोपनीयता भंग न हो।
प्रश्नपत्र मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तैयार किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से परीक्षा के दिन ही प्रश्नपत्रों के बंडल परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। इस बार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के अनुसार किया जाएगा।
बोर्ड पैटर्न के अनुसार सभी विषयों के प्रश्नपत्र चार सेट में तैयार होंगे। इनमें ए, बी, सी और डी सेट शामिल रहेंगे, जिन्हें विद्यार्थियों को रोटेशन के आधार पर वितरित किया जाएगा। इससे नकल पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 11वीं की परीक्षाएं 23 फरवरी से 17 मार्च तक और 9वीं की परीक्षाएं 2 मार्च से 17 मार्च तक आयोजित होंगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही पाली में दोपहर 1:30 बजे से 4:30 बजे तक कराई जाएंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा।
इस नई व्यवस्था के तहत करीब 20 लाख विद्यार्थी इन परीक्षाओं में शामिल होंगे। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने और अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर छात्रों को परीक्षा के लिए तैयार करने के निर्देश दिए हैं।









