JPSC परीक्षा धांधली मामले में ED की एंट्री: ECIR दर्ज, मनी लॉन्ड्रिंग और पैसों के लेन-देन की होगी जांच

रांची: झारखंड में JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (PT) समेत अन्य परीक्षाओं में कथित धांधली का मामला अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच गया है। परीक्षा गड़बड़ी की जांच कर रही CID में दर्ज FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ECIR दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही मामले में कथित आर्थिक लेन-देन, पैसों के स्रोत और संभावित मनी ट्रेल की जांच का रास्ता साफ हो गया है।
ED को आशंका है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पीछे बड़े स्तर पर आर्थिक लेन-देन हुआ हो सकता है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परीक्षा धांधली से जुड़े लोगों के बीच किसी तरह का पैसों का लेन-देन हुआ था या नहीं। यदि वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो उससे जुड़े लोगों और पैसों के स्रोत की भी जांच की जाएगी।
रांची पहुंची ED की पांच सदस्यीय टीम
मामले की जांच के लिए ED की रांची यूनिट से पांच सदस्यीय टीम पहुंची है। इसमें एक असिस्टेंट डायरेक्टर और चार इंस्पेक्टर शामिल हैं। टीम परीक्षा धांधली से जुड़े वित्तीय पहलुओं की पड़ताल करेगी। जांच के दौरान संबंधित लोगों से पूछताछ के साथ-साथ जरूरी दस्तावेजों और आर्थिक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच भी की जा सकती है।
सरकार के आश्वासन से पहले ही ED ने शुरू की जांच
JPSC परीक्षा धांधली को लेकर छात्रों और सरकार के बीच पिछले दिनों लगातार बातचीत हुई थी। रविवार को सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने छात्र प्रतिनिधियों से चर्चा की थी। सरकार की ओर से कहा गया था कि फिलहाल मामले की जांच CID कर रही है और यदि जांच में वित्तीय घोटाले का कोई मामला सामने आता है तो ED से जांच कराने के लिए सरकार अनुरोध करेगी।
हालांकि, सरकार के इस आश्वासन से पहले ही ED ने ECIR दर्ज कर मामले की मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू कर दी है।
अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी
JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच फिलहाल CID कर रही है। ED की एंट्री के बाद अब जांच का दायरा आर्थिक गतिविधियों और कथित पैसों के लेन-देन तक भी पहुंच गया है।
तीन दिनों तक सरकार और छात्रों के बीच चली बातचीत
परीक्षा धांधली के विरोध में छात्रों के प्रस्तावित आंदोलन को टालने के लिए सरकार और छात्र संगठनों के बीच लगातार तीन दिनों तक मैराथन बातचीत हुई। सरकार ने छात्रों की कई मांगों पर सहमति जताई, लेकिन सभी मुद्दों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा धांधली की जांच, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करना और परीक्षा व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।
JSSC CGL परीक्षा को लेकर भी नाराजगी
वहीं, रांची में JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर भी छात्र संगठनों में नाराजगी है। मांग पर सहमति नहीं बनने के बाद छात्र संगठनों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
ED की जांच शुरू होने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कथित परीक्षा धांधली में किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं और यदि हुआ है तो इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।











