JPSC Exam Controversy: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने और CBI जांच की मांग

नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 2025 प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता हरिशरण देवगन ने अदालत में याचिका दाखिल कर परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है।

याचिका वकील सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दाखिल की गई है। इसमें मांग की गई है कि जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज या झारखंड से बाहर के किसी हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली स्वतंत्र कमेटी से कराई जाए।

2 जुलाई को सामने आया था मामला

JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोप उस समय सामने आए, जब एक सफल अभ्यर्थी की OMR कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। आरोप लगाया गया कि अभ्यर्थी ने पेपर-1 में केवल 48 सवाल हल किए थे, इसके बावजूद उसे अगली परीक्षा के लिए योग्य घोषित कर दिया गया।

मामला सामने आने के बाद अभ्यर्थियों और छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। राज्य सरकार ने जांच CID को सौंप दी, लेकिन आंदोलन कर रहे छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं। छात्र 25 जुलाई से रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं।

याचिका में दोबारा परीक्षा कराने की मांग

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में JPSC प्रारंभिक परीक्षा-2025 को रद्द कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ दोबारा कराने की मांग की गई है। साथ ही अनियमितताओं की विस्तृत और समयबद्ध CBI जांच की मांग भी रखी गई है।

याचिकाकर्ता ने OMR स्कैनिंग, कोडिंग, मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है। इसके अलावा यह भी जांच करने को कहा गया है कि कथित गड़बड़ी में शामिल अभ्यर्थियों और निर्दोष अभ्यर्थियों की अलग-अलग पहचान संभव है या नहीं।

परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

याचिका में मूल OMR शीट, कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, आंसर-की, अटेंडेंस शीट और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के CCTV फुटेज, डिस्पैच रजिस्टर, स्कैनिंग रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड को भी संरक्षित करने का अनुरोध किया गया है।

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छात्रों की मुख्य मांग है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और यदि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी साबित होती है तो पूरी परीक्षा पारदर्शी तरीके से दोबारा कराई जाए।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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