नागपुर में किसानों का उबाल: वैरायटी चौक पर कर्जमाफी का GR फूंका

नागपुर किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी कर उनके सातबारा को पूरी तरह कोरा करने की मांग को लेकिन विदर्भराज्य आंदोलन समिति ने वैरायटी चौक पर आंदोलन किया। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा जारी किये गए किसान कर्जमाफी जीआर की होली जलाई गई। आंदोलनकारियों ने जीआर को भ्रामक व किसानों के साथ मजाक करने का आरोप लगाया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने चक्काजाम तक कर दिया।

संपूर्ण कर्जमाफी और कोरे सातबारा की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नागपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते होनी चाहिए संपूर्ण कर्जमाफी आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मांग रखी गई कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी होनी ही चाहिए, सातबारा कोरा होना चाहिए, आंदोलन में सुनील चोखारे, प्रशांत नखाते, नरेश निमजे, श्रीकांत दौलतकार, संजय चौधरी, श्याम अवथले, तारेश दुरुगकर, विलास सूर्यवंशी, ज्योति खांडेकर, राहुल बंसोड, गिरीश तितरमारे, अल्का पोपटकर, चंद्रशेखर पुरी, भरत बाविस्टाले, रामभाऊ शेगोकार, लता अवजेकर, जॉय बांगडकर, मनीष शेंडे, मनीषा पुरी, अतिश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

कर्जमाफी पर सरकार को घेरा, कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर छोड़ा गया

हुए 2 प्रमुख कार्यकर्ताओं तारेश दुरुगकर और विलास सूर्यवंशी को हिरासत में लिया। लगभग एक घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। पूर्व विदर्भ अध्यक्ष अरुणभाऊ केदार, युवा आघाड़ी प्रांताध्यक्ष मुकेश मासुरकर के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

केदार ने कहा कि सरकार ने 2 जून 2026 के जीआर की प्रस्तावना में स्वयं स्वीकार किया है कि राज्य के किसान कर्जमाफी के बाद भी बार-बार बकाया ऋण के दुष्चक्र में फंस रहे हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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