मैहर: मां शारदा के दरबार में VIP दर्शन के नाम पर ‘दलाली’ का खेल, पुलिस ने 4 जालसाजों को भेजा जेल

मैहर : चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान मैहर में मां शारदा के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं को ठगने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है.कोतवाली पुलिस ने वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली करने वाले चार दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.ये आरोपी भोले-भले श्रद्धालुओं को कतार से बचाकर जल्दी दर्शन कराने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल रहे थे.
ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को छत्तीसगढ़ से एक परिवार ट्रेन के जरिए मैहर पहुंचा था.रेलवे स्टेशन से मंदिर जाते समय ऑटो में सचिन पटेल नाम के एक युवक ने उनसे संपर्क किया. उसने परिवार को झांसा दिया कि वह बिना लाइन में लगे उन्हें वीआईपी तरीके से दर्शन करा देगा, जिसके बदले उसने ₹500 प्रति व्यक्ति की मांग की.परिवार के 6 सदस्यों ने जल्दी दर्शन की चाह में उसे पैसे दे दिए.
सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से पकड़ी गई चोरी
जब यह परिवार रोपवे (Ropeway) के पास पहुंचा, तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को उन पर संदेह हुआ.पूछताछ के दौरान श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने दर्शन के लिए पैसे दिए हैं.दलाली की बात सामने आते ही सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर गिरोह के सदस्यों की तलाश शुरू की.
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने इस मामले में सक्रिय चार मुख्य दलालों को दबोचा है, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
अजीत कुशवाहा (30), निवासी पोंड़ी.
आलोक शुक्ला (20), निवासी पोंड़ी।
*पंकज विश्वकर्मा (24), निवासी झुरखुलू (उचेहरा).
रोहित भट्ट (25), निवासी झुरखुलू (उचेहरा).
कड़ी कार्रवाई: जेल भेजे गए आरोपी
मैहर कोतवाली पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें सक्षम न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.पुलिस ने साफ किया है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले और अवैध वसूली करने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
प्रशासन की अपील: मैहर पुलिस और मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आएं.दर्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें और यदि कोई पैसे की मांग करता है, तो तुरंत ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सूचित करें.









