जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्री पद से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से मंजूर किया

केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया फैसला
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा। कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी।
केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं
जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे। वे केरल भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और मोदी सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल थे।
वकालत से राजनीति तक का सफर
20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले में जन्मे जॉर्ज कुरियन ने कानून की पढ़ाई की और सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी की। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी के रूप में भी काम कर चुके हैं। जून 2024 में उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी। उनके साथ राज्यसभा सदस्य के रूप में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल भी समाप्त हुआ है, हालांकि बिट्टू फिलहाल मंत्री पद पर बने हुए हैं।











