गाजीपुर: क्रिकेट एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है जिसे अब कोई भी फेडरेशन छू नहीं सकता- ओलंपियन धनराज पिल्लै

गाजीपुर: हॉकी जो भारत का राष्ट्रीय खेल है और इसी खेल के खिलाड़ी धनराज पिल्लै जो चार बार ओलंपिक खेल चुके हैं और उसी की बदौलत पदम श्री अर्जुन पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड सहित कई सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं.
वही धनराज पिल्ले गाजीपुर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित हुई राज्य स्तरीय महिला हॉकी प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और खिलाड़ियों का हौसला अफजाई की हालांकि इस दौरान बहुत सारी खिलाड़ियों ने धनराज पिल्लै से इस टूर्नामेंट में भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों को लाने का भी उनसे अनुरोध किया.
मीडिया से बातचीत करते हुए धनराज पिल्लै बताया कि क्रिकेट आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है जिसे अब कोई भी फेडरेशन उसे छू नहीं सकता और क्रिकेट अपने पुराने खिलाड़ियों को भी अपने साथ में रखा है इसलिए उन्होंने कहा कि हॉकी में भी पुराने खिलाड़ियों को भी मौका देना चाहिए जो फेडरेशन के लिए काम करें इसलिए हमें यह हॉकी टीम को क्रिकेट से सीखने की बहुत ही जरूरत है क्रिकेट में पैसा बहुत आ गया है इस दौरान उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के भी सराहना किया जो अभी अंदर-19 क्रिकेट टीम में बेहतर खेल का प्रदर्शन किया.
इस दौरान उन्होंने बताया कि मैं बहुत ही गरीब परिवार से यहां तक पहुंचा हूं और हाकी गरीब और मिडिल परिवार के बच्चे ही खेलते हैं इसलिए इस खेल से जुड़े हुए सभी बच्चों को यही कहूंगा की मेहनत से इस खेल से जुड़े और ऊंचे मुकाम तक पहुंचे.
इस दौरान धनराज पिल्लै ने उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार से गाजीपुर के ईस स्टेडियम के लिए ऐस्ट्रो टर्फ लगाए जाने की भी मांग किया होगा.
उन्होंने कहा कि हॉकी में अब संसाधनों की कोई कमी नहीं है साल 2012-14 के बाद आप देखेंगे की हॉकी इंडिया लीग जो केपीएस गिल जी के द्वारा शुरू किया गया था जो कई सालों तक चलता रहा की बीच में बंद हो गया लेकिन इसके पीछे स्पॉन्सर और फाइनेंशियल की कमी बताई क्योंकि हॉकी फास्ट खेल है और उसे खेल में स्पॉन्सर का पोस्टर बैनर देखने को नहीं मिलते.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हॉकी के खिलाड़ियों के लिए बहुत कुछ कर रहा है इसलिए हॉकी खिलाड़ियों को बहुत सारे विभागों में नौकरी भी दिया है इतना ही नहीं पेरिस ओलंपिक के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों का बल्कि पूरे हॉकी इंडिया टीम का सम्मान किया था.










