राजस्थान में बेटियों के लिए खुशखबरी, सरकारी अस्पताल में जन्मी बच्चियों को निजी स्कूलों में भी मिलेगा लाभ

जयपुर: अब सरकारी अस्पतालों में जन्मी बेटियों को निजी स्कूलों में दाखिले पर भी लाडो प्रोत्साहन योजना (Lado Protsahan Yojana) का लाभ मिलेगा. महिला अधिकारिता, चिकित्सा और शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले में स्कूलों के नोडल अधिकारियों और सीबीईईओ को योजना की प्रक्रिया और आवेदन भरने, दस्तावेज अपलोड करने, आवेदन लॉक करने व भुगतान करने की पूरी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिया है.

यह योजना 2024-25 से लागू की जानी थी, लेकिन प्रक्रिया में देरी के कारण शुरुआत थोड़ी देर से हुई. राजस्थान सरकार की इस योजना का उद्देश्य राजस्थान में जन्मी बेटियों को उनके जन्म से लेकर स्नातक तक शिक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है. इसे पहले राजश्री योजना के नाम से भी जाना जाता था. योजना के तहत कुल 1.50 लाख रुपये सात किस्तों में दिए जाते हैं.

यह है योजना

  • बेटियों को शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना.
  • शिक्षा के हर महत्वपूर्ण चरण पर वित्तीय सहायता प्रदान करना.
  • लिंग समानता को बढ़ावा देना और बेटियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देना.

योजना के लिए ये पात्रता जरूरी

  • बच्ची राजस्थान में जन्मी हो (सरकारी या अधिकृत अस्पताल में).
  • बच्ची सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में पढ़ाई कर रही हो.
  • टीकाकरण आदि आवश्यक स्वास्थ्य मानदंड पूरे हों.
  • परिवार की आवश्यक जानकारी और बैंक डिटेल पोर्टल पर उपलब्ध हो.

इस तरह से होता आवेदन

आवेदन आम तौर पर स्वतः प्रोसेस होता है. जन्म और स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर शाला दर्पण तथा जन आधार कार्ड से डेटा मिलता है. बैंक खाता सूचना, आधार कार्ड आदि से संबंधित जानकारी सिस्टम में दर्ज रहती है. राज्य सरकार की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश व पोर्टल के माध्यम से भुगतान किया जाता है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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